Sultanpur: स्मार्टमीटर के खिलाफ उतरे उपभोक्ता, कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंप कर दी आंदोलन की चेतावनी

खबर सार :-
स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। बिजली के मनमाने बिलों और बिलिंग रिकॉर्ड अपडेट न होने की शिकायतों का हवाला देते हुए, उपभोक्ताओं ने एक ज्ञापन सौंपने और तत्काल हस्तक्षेप की मांग करने के लिए कलेक्ट्रेट का दौरा किया।

Sultanpur: स्मार्टमीटर के खिलाफ उतरे उपभोक्ता, कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंप कर दी आंदोलन की चेतावनी
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुरः जनपद में लगाए जा रहे स्मार्टमीटर को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। मनमाने बिजली बिल और बिल अपडेट न होने की शिकायतों के मद्देनजर नगरपालिका के पूर्व प्रत्याशी वरुण मिश्र और अधिवक्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट राघवेंद्र सिंह ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

स्मार्टमीटर का बहिष्कार करने की अपील

वरुण मिश्र ने आरोप लगाया कि स्मार्टमीटर के नाम पर जनता के साथ ठगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नाम तो स्मार्टमीटर है, लेकिन इसका काम उपभोक्ताओं को परेशान करना बन गया है। “बिजली बिल मनमाने तरीके से भेजे जा रहे हैं और उपभोक्ताओं की समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है,” उन्होंने कहा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे स्मार्टमीटर का बहिष्कार करें और नया स्मार्टमीटर न लगवाएं।

अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने कहा कि स्मार्टमीटर में कई तकनीकी खामियां हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। “अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनता परेशान है, लेकिन अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” उन्होंने चेतावनी दी।

तकनीकी समिति गठित करने की मांग

ज्ञापन सौंपने के दौरान अख्तर राइन, धर्मात्मा सिंह, हिमांशु मिश्रा, प्रभाशंकर पाण्डेय, गौरव सिंह, संतोष तिवारी, आकाश शुक्ल सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्पष्ट कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि स्मार्टमीटर की जांच के लिए स्वतंत्र तकनीकी समिति का गठन किया जाए और उपभोक्ताओं के साथ हो रही अनियमितताओं के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि उपभोक्ताओं को आर्थिक और तकनीकी नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस मुद्दे को लेकर उपभोक्ताओं में आक्रोश और नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर में लोग प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों का कहना है कि समस्या का समाधान नहीं निकला तो व्यापक आंदोलन कर न्याय और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।

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