झांसी: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आयुर्वेदिक कॉलेज में व्याप्त अनियमितताओं और छात्रों की समस्याओं को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्राचार्य डॉ. रामकृष्ण राठौर को ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। एबीवीपी ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे महानगर मंत्री सूर्यश शुक्ला ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन लंबे समय से छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र लगातार अपनी परेशानियों को लेकर प्राचार्य और प्रशासन को अवगत कराते रहे हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें डराने और दबाव बनाने का प्रयास करता है ताकि प्रशासनिक कमियां उजागर न हो सकें।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है, जिससे छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग इंटर्न छात्रों के लिए उचित हॉस्टल व्यवस्था सुनिश्चित करने की रखी गई। परिषद ने कहा कि शासन द्वारा जारी गजट और नियमों के अनुसार छात्रों को सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।
ज्ञापन में कॉलेज हॉस्टल की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया गया। परिषद ने मांग की कि हॉस्टल भवनों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और वहां स्वच्छ पानी, बिजली, शौचालय तथा सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा सभी छात्रों के लिए पर्याप्त और सुरक्षित हॉस्टल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई ताकि किसी छात्र को आवास संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
एबीवीपी ने कॉलेज परिसर में साफ-सफाई की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई। ज्ञापन में कहा गया कि कॉलेज और हॉस्टल के आसपास झाड़ियां और जंगल जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे असुरक्षा और गंदगी का माहौल बना रहता है। संगठन ने परिसर की नियमित सफाई और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की।
छात्रों ने कॉलेज परिसर में उचित और स्वच्छ कैंटीन की व्यवस्था कराने की भी मांग की। उनका कहना था कि वर्तमान में छात्रों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ता है। इसके साथ ही कॉलेज में नियमित कक्षाएं, प्रयोगात्मक कार्य और आवश्यक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज गेट के बाहर संचालित सिगरेट की दुकान और महाविद्यालय से करीब 250 मीटर दूरी पर स्थित वाइन शॉप का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना है कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास इस प्रकार की दुकानों से माहौल प्रभावित होता है और छात्रों पर गलत असर पड़ता है। परिषद ने इन दुकानों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के बाद प्राचार्य डॉ. रामकृष्ण राठौर ने परिषद के प्रतिनिधियों से बातचीत की और समस्याओं के समाधान के लिए सोमवार तक का समय मांगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इस दौरान विभाग संगठन मंत्री निर्भय प्रताप, जिला संगठन मंत्री आकाश सिंह, महानगर सह मंत्री कल्याण चौधरी, श्याम शर्मा, देव पांडे, अर्पित अग्रवाल, प्रिंस लखेरा, सूर्य प्रताप, सक्षम गुप्ता, अमरजीत, शोभित द्विवेदी, अंकुश पाल, आनंदपाल, आयुष श्रीवास, हर्ष साहू, हर्षवर्धन साहू, अभिराज सिरोनिया, प्रवीण यादव, लव कुश पटेल, अप्रिय यादव, समीर रिछारिया और सक्षम राजपूत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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