लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राज्य में जनगणना-2027 के पहले चरण की औपचारिक शुरुआत की। 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने "हमारी जनगणना, हमारा विकास" की भावना के साथ मकान सूचीकरण और आवास गणना कार्यों का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती मात्र नहीं है, बल्कि यह समग्र, समावेशी और नियोजित विकास के लिए एक मजबूत आधार का काम करती है। वर्तमान युग डेटा-आधारित निर्णय लेने का युग है और जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जनगणना एक ऐसा माध्यम है जो यह सुनिश्चित करता है कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा में समान रूप से भागीदार बन सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना की जा रही है। पहले चरण में घर-सूचीकरण और आवास इकाइयों की गणना से संबंधित कार्य शामिल होंगे। आम जनता को 7 मई से 21 मई, 2026 तक "स्व-गणना" (self-enumeration) का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। इस सुविधा के माध्यम से नागरिक स्वेच्छा से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद, जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सूचीकरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी।
इस बार, जनगणना में जाति गणना को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, पहली बार वन ग्रामों (forest villages) को भी जनगणना प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की कि वर्तमान संदर्भ में, रियल-टाइम डेटा अत्यंत आवश्यक है। डिजिटल तकनीक के उपयोग ने जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, कुशल और त्वरित बना दिया है। इसी उद्देश्य से, एक समर्पित जनगणना पोर्टल विकसित किया गया है, जो गांव और वार्ड स्तर तक कार्यों की निरंतर निगरानी को सुगम बनाएगा।
सीएम ने बताया कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान अनुमानित जनसंख्या लगभग 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना का काम पूरे राज्य के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 अन्य शहरी स्थानीय निकायों, 21 छावनी बोर्डों, 57,694 ग्राम पंचायतों और लगभग एक लाख चार हजार राजस्व गांवों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बड़े काम को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए लगभग 5.47 लाख कर्मचारियों को तैनात किया जा रहा है, जिनमें 4.50 लाख गणना करने वाले, 85,000 सुपरवाइजर और 12,000 राज्य और ज़िला-स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, इस काम के दोनों चरणों के लिए लगभग 5.35 लाख कर्मचारियों को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपील की कि वे जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य समझें। उन्होंने हर व्यक्ति से आग्रह किया कि वे यह पक्का करें कि उनकी गिनती सिर्फ एक ही जगह हो और वे सही और सच्ची जानकारी दें, ताकि विकास योजनाओं के लिए सटीक और असरदार रूपरेखा बनाई जा सके। मुख्यमंत्री ने जनगणना के काम से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों को अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
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