कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमतों के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

खबर सार :-
'उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश' ने कीमतों में भारी बढ़ोतरी और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी के खिलाफ विरोध की एक सशक्त आवाज़ उठाई। पीलीभीत में, व्यापारियों ने ज़िलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा।

कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमतों के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और गैस की किल्लत को लेकर व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। ‘उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश’ के बैनर तले व्यापारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को तत्काल पूरा किए जाने की अपील की।

सरकार के सामने रखीं 9 सूत्रीय मांगें

यह प्रदर्शन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल के आह्वान पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल महेंद्रू और जिला अध्यक्ष एम.ए. जीलानी ने किया। बड़ी संख्या में व्यापारी, होटल संचालक, छोटे उद्योगों से जुड़े लोग और संगठन के पदाधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।

व्यापारियों ने सरकार के सामने 9 सूत्रीय मांगें रखीं। ज्ञापन में मांग की गई कि 1 मई 2026 से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों पर बढ़ाए गए दाम तत्काल वापस लिए जाएं। साथ ही सिलेंडर पर लगने वाली जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की जाए ताकि छोटे व्यापारियों और उद्योगों को राहत मिल सके।

व्यापार मंडल ने यह भी मांग उठाई कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बुकिंग प्रक्रिया को घरेलू गैस सिलेंडरों की तरह पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

ज्ञापन में गैस की कमी को देखते हुए उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन इस्तेमाल करने की अनुमति देने की मांग भी की गई। व्यापारियों ने कहा कि प्रदूषण विभाग और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों में कम से कम पांच वर्षों की राहत दी जाए ताकि छोटे उद्योग सुचारू रूप से चल सकें।

गैस पाइपलाइन का भी उठाया मुद्दा

इसके अलावा अस्पतालों, स्कूलों और वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।

प्रदर्शन के दौरान पीलीभीत शहर में पीएनजी गैस पाइपलाइन शुरू न होने का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया गया। व्यापारियों ने कहा कि शहर में दो वर्ष पहले पाइपलाइन डाल दी गई थी, लेकिन आज तक आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कई बार जिला प्रशासन के समक्ष यह मामला उठाया गया और अधिकारियों को निर्देश भी दिए गए, लेकिन पीएनजी कंपनी की ओर से केवल आश्वासन ही मिले। व्यापारियों ने मांग की कि नगर में डाली गई पाइपलाइन को जल्द चालू कराया जाए।

ज्ञापन में प्रधानमंत्री की ‘हर घर स्वच्छ पानी’ योजना के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन डालने के दौरान खोदी गई सड़कों की बदहाल स्थिति का भी जिक्र किया गया। व्यापारियों ने कहा कि कई स्थानों पर सड़कें खोदने के बाद मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था से सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।

प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल महेंद्रू ने कहा कि गैस की बढ़ती कीमतों ने छोटे व्यापारियों, होटल संचालकों और रेहड़ी-पटरी वालों की आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। जिला अध्यक्ष एम.ए. जीलानी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

प्रदर्शन में महिला, युवा और नगर इकाइयों के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

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