राष्ट्रीय खेल दिवस पर पंत स्टेडियम में गूंजा हॉकी का जादू, मेजर ध्यानचंद को किया गया नमन

खबर सार :-
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल निदेशालय एवं हॉकी एसोसिएशन सुल्तानपुर के संयुक्त तत्वावधान में पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक विनोद सिंह, विशिष्ट अतिथि भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह एवं सीडीओ अंकुर कौशिक ने पहुंचकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर पंत स्टेडियम में गूंजा हॉकी का जादू, मेजर ध्यानचंद को किया गया नमन
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुरः हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के प्रति आयोजित प्रतियोगिता ने पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल प्रेमियों को एकत्रित किया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल मेजर ध्यानचंद को सम्मानित करना था, बल्कि खेलों के प्रति युवाओं में प्रेम और समर्पण की भावना को जागृत करना भी था। खेल निदेशालय एवं हॉकी संघ सुल्तानपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्घाटन विधायक विनोद सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चन्दन नारायन सिंह और सीडीओ अंकुर कौशिक ने किया।

अतिथियों ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें खेल भावना के साथ आगे बढ़ने की अटल चेतना के साथ शपथ दिलाई। यह वाकई एक प्रेरणादायक क्षण था जब नेताओं ने खिलाड़ियों को मेजर ध्यानचंद की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। चन्दन नारायन सिंह ने कहा कि ध्यानचंद ने सीमित संसाधनों के बावजूद न केवल अपने अद्वितीय खेल कौशल से विश्व मंच पर भारत का नाम रोशन किया, बल्कि वे सदैव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, सचिन तारीख, वसीम, वॉलीबॉल संघ के मुनेंद्र मिश्रा, ओलंपिक संघ सचिव पंकज दूबे समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से दर्शकों का मन मोह लिया और खेल प्रेमियों में उत्साह का संचार किया।

हॉकी, जो भारत का राष्ट्रीय खेल है, को इस कार्यक्रम के माध्यम से विशेष महत्व दिया गया। ध्यानचंद की खेल शैली और उनके योगदान का उल्लेख करते हुए, यह कहा गया कि वे केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने खेल को जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया। उनके जैसा कौशल और लगन पाने की प्रेरणा ने न केवल खिलाड़ियों, बल्कि युवा पीढ़ी को भी खेल के प्रति जोश और उत्साह के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इस तरह के आयोजनों का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाता है, जिससे युवा पीढ़ी खेलों में रुचि ले सके और देश का नाम रोशन कर सके।
 

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