सुल्तानपुर: जीआरपी ने मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की एक मिसाल पेश करते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक 11 वर्षीय बच्चे को उसके परिजनों से मिलाकर बड़ी सफलता हासिल की। 23 नवंबर 2025 को जीआरपी कंट्रोल रूम लखनऊ से सूचना प्राप्त हुई कि समस्तीपुर (बिहार) का बालक गलती से ट्रेन संख्या 14524 हरिहर एक्सप्रेस में बैठ गया है और अपने परिवार से बिछड़ गया है।
सूचना मिलते ही जीआरपी सुल्तानपुर टीम सक्रिय हो गई। ट्रेन के सुल्तानपुर पहुंचते ही पुलिस टीम ने बच्चे की तलाश शुरू की और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्चे ने अपना नाम दिलखुश कुमार (उम्र 11 वर्ष), निवासी कोतवाली शहर, समस्तीपुर (बिहार) बताया। जीआरपी ने तत्काल उसकी माताजी को फोन के माध्यम से सूचना दी। सूचना मिलते ही वे थाने पहुँचीं।
थाना प्रभारी जीआरपी सुल्तानपुर भोला शंकर, पुलिस उपाधीक्षक रेलवे प्रथम अमित कुमार सिंह तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे अनुभाग लखनऊ रोहित मिश्रा के निर्देशन में पूरी कार्रवाई की गई। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को उसकी माताजी के सुपुर्द कर दिया गया।
अपने बेटे को स्वस्थ और सुरक्षित पाकर बालक की माँ भावुक हो उठीं और जीआरपी की टीम के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। जीआरपी सुल्तानपुर की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि ऑपरेशन मुस्कान न केवल खोए हुए बच्चों को उनके घर तक पहुँचाने का अभियान है, बल्कि पुलिस की सतर्कता, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक भी है।
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