डायग्नोस्टिक जांच में लापरवाही का आरोप, कठोर कार्यवाही करने की मांग

खबर सार :-
सुलतानपुर के डायग्नोस्टिक सेंटर बढेय्यावीर पर लपारवाही का आरोप लगा दंपति ने कठोर कार्रवाई की मागं की है। पीड़ित का कहना है कि सेंटर में काम करने वाले स्टाफ की लापरवाही के महिला की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था। ठीक समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी।

डायग्नोस्टिक जांच में लापरवाही का आरोप, कठोर कार्यवाही करने की मांग
खबर विस्तार : -

सुलतानपुरः जनपद सुलतानपुर में एक गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला की जान पर खतरा पैदा होने की बात कही जा रही है। मामला कुड़वार थाना क्षेत्र के ग्राम बेला पश्चिम निवासी अभिषेक त्रिपाठी और उनकी पत्नी शीतल तिवारी से जुड़ा है। पीड़ित ने नगर कोतवाली सुलतानपुर में प्रार्थना पत्र देकर संबंधित डायग्नोस्टिक सेंटर के डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कई घंटों तक तड़पती रही महिला

पीड़ित ने बताया कि 26 जनवरी को उन्होंने अपनी पत्नी को लखनऊ स्थित आशा आयुर्वेद हॉस्पिटल ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श लिया। डॉक्टर की सलाह पर 31 जनवरी को महिला को सुलतानपुर के डायग्नोस्टिक सेंटर बढेय्यावीर ले जाया गया। यहां पैथोलॉजी डॉक्टर और स्टाफ की कथित लापरवाही के कारण महिला के गर्भाशय में एक यंत्र डाल दिया गया, जिससे वह कई घंटों तक असहनीय दर्द से तड़पती रही।

अभिषेक त्रिपाठी ने कहा कि बार-बार पूछने पर भी स्टाफ ने किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं दी। महिला की हालत बिगड़ने पर उसे हनुमत हॉस्पिटल सुलतानपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि यह लापरवाही उसकी जान के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती थी और उन्हें लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद परिजन तुरंत महिला को लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल ले गए। मेदांता के डॉक्टरों ने पुष्टि की कि जांच में हुई चूक के कारण महिला की जान जोखिम में थी।

पुलिस ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

लंबे इलाज और भारी खर्च के बाद महिला की जान बचाई जा सकी, लेकिन इस पूरे मामले ने परिवार में भारी मानसिक और आर्थिक तनाव पैदा कर दिया। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और न्याय की गुहार लगाई है।

नगर कोतवाल सुलतानपुर ने बताया कि प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए और राज्य सरकार को ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
 

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