राष्ट्रीय मत्स्य विकास प्रशिक्षण का हुआ आयोजन, विशेषज्ञों ने दी जानकारी

खबर सार :-
राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम के अंतर्गत एक्वाकल्चर बीमा विषय पर एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने मछली पालकों से बीमा योजना को अपनाने की अपील की।

राष्ट्रीय मत्स्य विकास प्रशिक्षण का हुआ आयोजन, विशेषज्ञों ने दी जानकारी
खबर विस्तार : -

रामपुरः जनपद में राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम के अंतर्गत एक्वाकल्चर बीमा विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनपद के मछली पालकों और मत्स्य कृषकों को एक्वाकल्चर बीमा योजना के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और अन्य संभावित जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान से सुरक्षित करने के उपायों की जानकारी देना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने सहभागिता की।

एक्वाकल्चर बीमा योजना की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान सहायक निदेशक मत्स्य प्रशांत गंगवार ने बताया कि एक्वाकल्चर बीमा योजना के माध्यम से तालाब, मछली उत्पादन, बीज, चारा तथा मत्स्य पालन से जुड़े अन्य संसाधनों को होने वाली क्षति की भरपाई संभव है। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम, बाढ़, सूखा, जल प्रदूषण या मछलियों में फैलने वाली बीमारियों के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है, ऐसे में बीमा योजना आर्थिक संबल प्रदान करती है।

उन्होंने बीमा आवेदन की प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाते हुए आवश्यक दस्तावेजों, प्रीमियम की दरों और क्लेम प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि समय पर बीमा कराने और नियमों का पालन करने से नुकसान की स्थिति में शीघ्र मुआवजा प्राप्त किया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने दी जानकारी

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने भी मछली पालकों को संबोधित किया और बीमा योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बीमा अपनाकर मत्स्य पालन को अधिक सुरक्षित, स्थायी और लाभकारी बनाया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में निरंतरता बनी रहे।

इस अवसर पर मत्स्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, जनपद के मत्स्य पालक, मत्स्य कृषक तथा अन्य संबंधित हितधारक मौजूद रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें बीमा योजना के लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मत्स्य पालकों के हित में उपयोगी बताया।

अन्य प्रमुख खबरें