सोहावल : तहसील में सोमवार को आयोजित *सम्पूर्ण समाधान दिवस* के दौरान जिले के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आमजन की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी टीकाराम फुंडे ने की, जबकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी मौजूद रहे। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, हालांकि अधिकारियों के निर्धारित समय से देर से पहुंचने के कारण कई लोग निराश होकर लौटते भी दिखाई दिए।
जानकारी के अनुसार, सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन दोपहर एक बजे निर्धारित था, लेकिन जिलाधिकारी और एसएसपी करीब डेढ़ बजे तहसील सभागार पहुंचे। इस दौरान फरियादियों की लंबी कतार लग गई। वहीं कई लोग, जो वर्षों पुरानी और गंभीर समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लंबे इंतजार के बाद अधिकारियों से मिले बिना ही वापस लौट गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों से सोहावल तहसील में समाधान दिवस के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों को पर्याप्त समय न मिल पाने से जनता को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है। समाधान दिवस के दौरान कुल 152 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से मौके पर ही पांच मामलों का निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों और अधिकारियों को जांच व कार्रवाई के लिए सौंपा गया। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के नेता फरीद अहमद ने रौनाही टोल प्लाजा के दोनों ओर हाईवे की पटरियों पर हुए अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके अलावा मंगरू दादा ने रौनाही पंप कैनाल से बिना नीलामी के कथित रूप से काटे गए पेड़ों की शिकायत दर्ज कराई। करेरू गांव निवासी गुरुदत्त सिंह ने अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्राम धन्नीपुर की रहने वाली रेखा और रामधन ने जमीन खरीद-बिक्री से जुड़ा एक गंभीर मामला जिलाधिकारी के समक्ष रखा। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा जमीन की खरीद के नाम पर धोखाधड़ी कर विधवा महिला को ठगा गया और पूरी धनराशि का भुगतान नहीं किया गया। इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम सोहावल सविता देवी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अमराई गांव निवासी विवेक चौहान ने सोहावल चौराहे स्थित एक निजी मेडिकल सेंटर पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान उनकी पत्नी के गर्भ से मृत शिशु पैदा हुआ और शिकायत करने पर उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि थाना और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले को भी संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुशील कुमार बलियान, अधिशासी अभियंता नहर सिंचाई रजनीश गौतम, एसडीएम सविता देवी, तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह, सीओ सदर अरविंद सोनकर, बीडीओ अनुपम वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि शेष शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण किया जाएगा।
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