कार्रवाई न होने से नाराज़ पुजारी करेंगे धरना प्रदर्शन, दी ये चेतावनी

खबर सार :-
कोयली के भोट मंदिर के पुजारी पुलिस प्रशासन द्वारा सुनवाई और कार्रवाई न होने के कारण महीने की 4 तारीख को विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल पर बैठेंगे। पुलिस प्रशासन न तो कोई कार्रवाई कर रहा है और न ही उनकी बात सुन रहा है।

कार्रवाई न होने से नाराज़ पुजारी करेंगे धरना प्रदर्शन, दी ये चेतावनी
खबर विस्तार : -

रामपुरः रामपुर जनपद के थाना भोट क्षेत्र स्थित शिव शक्ति मंदिर कोयली से जुड़े मामले में सुनवाई और कार्रवाई न होने को लेकर मंदिर के पुजारी एवं ट्रस्ट पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। शिव शक्ति मंदिर कोयली ट्रस्ट रामपुर के सचिव व प्रमुख सेवादार नॉन बाबू यादव ने ऐलान किया है कि यदि प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर से अवैध कब्जा नहीं हटाया गया तो वे 4 जनवरी को मंदिर प्रांगण में धरना-प्रदर्शन पर बैठेंगे।

कई बाद दी गई लिखित शिकायतें

इस संबंध में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी शिकायत दोहराई। बाबा नॉन बाबू यादव का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी रामपुर और पुलिस अधीक्षक रामपुर को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस और प्रशासन उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है, जिससे वे बेहद आहत हैं।

बाबा ने आरोप लगाया कि मंदिर की भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है और हल्का लेखपाल की भूमिका भी संदिग्ध है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष से मिलीभगत के चलते न तो उनकी रिपोर्ट दर्ज की जा रही है और न ही निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब वे दोबारा शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे तो उन्हें धमकाया गया। बाबा ने एसडीएम सदर पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें यह कहकर डराया गया कि यदि बार-बार शिकायत की गई तो उनके खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेज दिया जाएगा।

अभी तक नहीं की गई कोई कार्रवाई

बाबा नॉन बाबू यादव ने स्पष्ट किया कि उनका इस मामले में कोई निजी स्वार्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन इसी तरह मंदिर की भूमि पर कब्जा करवाता रहा तो भविष्य में मंदिर का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। इसलिए वे चाहते हैं कि मंदिर की जमीन से अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीआईजी मुरादाबाद, एडीजी बरेली जोन, जिलाधिकारी रामपुर और पुलिस अधीक्षक रामपुर को भी कई बार प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। बाबा ने कहा कि जब तक प्रशासन उनकी शिकायत पर संज्ञान लेकर न्याय नहीं दिलाता, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है।

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