Rajasthan Weather: राजस्थान में पिछले 24 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। चित्तौड़गढ़, पाली, झालावाड़, जयपुर, कोटा और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने मंगलवार को तीन जिलों में रेड अलर्ट, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट और उन्नीस जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि एहतियात के तौर पर तेरह जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 1 अगस्त के बाद ही मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना है।
बारिश के कारण राज्य भर में अलग-अलग जगहों पर हादसे भी हुए हैं। चित्तौड़गढ़ में नदी का पुल पार करते समय दो युवक बह गए, जबकि रावतभाटा में एक नाबालिग बच्ची की डूबने से मौत हो गई। इलाज के अभाव में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई और टोंक में बांध से गिरकर एक युवक की मौत हो गई। सिरोही जिले के केरला गांव में एक निजी स्कूल बस नदी की पुलिया पर फंस गई। बस में 35 बच्चे सवार थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।
राज्य के विभिन्न बांधों और नदियों का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है। कोटा बैराज के 12 गेट खोलकर लगभग 2 लाख 90 हज़ार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे चंबल नदी का पानी नयापुरा क्षेत्र, ब्रजराज कॉलोनी और हरिजन बस्ती की निचली बस्तियों के घरों तक पहुँच गया है। बीसलपुर बांध के छह गेट खोलकर 60 हज़ार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इसके अलावा, करौली के पांचना बांध, कालीसिंध, नवनेरा, जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर और ईसरदा बांध के भी गेट खोल दिए गए हैं।
भीलवाड़ा ज़िले के बिजौलिया क्षेत्र में स्थिति बेहद गंभीर है। सड़कों पर पांच फीट तक पानी बह रहा है और लोगों को नावों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। झालावाड़ में भारी बारिश से आधा दर्जन गाँवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गागरोन किला देखने आए कुछ पर्यटक भी फंस गए हैं। टोंक जिले के हिसामपुर (नासिरदा) की कई कॉलोनियाँ जलमग्न हो गई हैं और घरों में पानी घुस गया है। राजधानी जयपुर में सोमवार शाम हुई भारी बारिश से सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे यातायात जाम हो गया।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बना अवदाब अब कमजोर होकर निम्न दाब तंत्र में बदल गया है, जो इस समय पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान की सीमा पर सक्रिय है। इसके अलावा, एक और ट्रफ रेखा अरब सागर से मध्य गुजरात और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान तक बनी हुई है। इन दोनों सिस्टमों के चलते राज्य के दक्षिण-पूर्वी जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है।
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