सीकर: शहर की प्रतीक्षा फाउंडेशन दुर्घटनाओं और लावारिस हालात में मरने वाले लोगों के शवों को मुकाम पहुंचाने का काम लगातार कर रही है। कोरोना संकट के बाद शवों के प्रति हो रहे अनादर और लोगों के दर्द को देखकर 2021 में इस संस्था की शुरुआत की गई। संस्था कोटा, जोधपुर, सीकर, खंडेला कस्बे में भी काम कर रही है।
संस्था की अध्यक्ष प्रतीक्षा पारीक को कोटा कलेक्टर 15 अगस्त 2023 और सीकर जिला कलेक्टर 15 अगस्त 2024 को सम्मानित कर चुके हैं। प्रतीक्षा फाउंडेशन की अध्यक्ष प्रतीक्षा पारीक के मुताबिक उनकी मां विद्या पारीक संस्था की सचिव हैं। उन्होंने कोरोना संकट के दौरान अस्पताल में जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन सेवा शुरू की थी।
इस बीच बाहर से आए लोगों की मौत के बाद उनके परिजन उन्हें घर ले जाने के लिए आगे नहीं आ रहे थे। किसी के पास एंबुलेंस का भारी किराया देने के पैसे नहीं थे। एक युवक अपनी वृद्ध मां केशव को छोड़कर चला गया। उसका अंतिम संस्कार विद्या पारीक और प्रतीक्षा पारीक की मां और बेटी ने किया। उसी दिन से सबको उनके घर पहुंचाने की सेवा शुरू की गई और संस्था का गठन किया गया। संस्था की अध्यक्ष प्रतीक्षा पारीक ने बताया कि अब तक 200 शवों को गंतव्य तक पहुंचाया जा चुका है।
यह संस्था सर्दियों में अस्थायी रैन बसेरे बनाती है। संस्था अस्पतालों में पीने के पानी के स्टॉल भी चलाती है, गरीब बस्तियों के स्कूलों में बच्चों को मुफ्त किताबें और स्टेशनरी उपलब्ध कराती है, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर आदि का आयोजन करती है।
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