रामपुर : रामपुर में कोतवाली पुलिस के दो कर्मियों – दरोगा मनोज कुमार और हेड कांस्टेबल रहमान अली – पर लाखों की रिश्वत लेने और एक फर्जी मुकदमा दर्ज करने के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में पीड़ित असलम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने बताया कि कोतवाली पुलिस ने झूठे आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया और उनसे लगातार दबाव बनाया।
असलम के मुताबिक, आरोप है कि हनी ट्रैप के मामले में पुलिसकर्मियों ने उन्हें फंसाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत के रूप में 1 लाख 30 हजार रुपये दिए गए थे, लेकिन जब 2 लाख 70 हजार रुपये का और भुगतान नहीं किया गया तो उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह मामला महक उर्फ जोहरा उर्फ जोहरा उर्फ महक से जुड़ा हुआ है, जो पहले भी हनी ट्रैप के मामलों में फंसी रही है और उसके खिलाफ मुरादाबाद, बरेली, संभल, और रामपुर में कई मामले दर्ज हैं।
पीड़ित असलम के अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ ने मीडिया को बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है, और अगर पुलिस इस तरह से झूठे मुकदमे दर्ज करेगी तो आम आदमी को न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने इस मामले की उच्च स्तर पर जांच की मांग की। इस घटना के बाद मुरादाबाद क्षेत्र के डीआईजी मुनिराज जी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रामपुर के एडिशनल एसपी अनुराग सिंह को जांच के आदेश दिए हैं। जांच चल रही है और यह देखा जा रहा है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
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