पूरनपुर, पीलीभीत: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और हृदय विदारक मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता को पहले दुष्कर्म का शिकार बनाया गया, फिर दबाव में निकाह हुआ, और अंततः दहेज उत्पीड़न की क्रूर यातनाओं से तंग आकर उसने ज़हर पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का प्रयास किया। विवाहिता की हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उसका गंभीर अवस्था में उपचार चल रहा है।
पुलिस को दिए गए बयान और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत आरोपी युवक द्वारा पीड़िता को प्रेम जाल में फंसाने से हुई। आरोप है कि युवक ने विश्वास में लेकर युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब पीड़िता ने इस घिनौने कृत्य का विरोध किया और न्याय के लिए पुलिस का दरवाज़ा खटखटाया, तो आनन-फानन में आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म का गंभीर मामला दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होते ही सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर दोनों पक्षों पर भारी दबाव पड़ा। इसी दबाव के चलते, समझौता के नाम पर आरोपी युवक ने पीड़िता के साथ निकाह कर लिया। सभी को उम्मीद थी कि निकाह के बाद पीड़िता की जिंदगी सामान्य हो जाएगी, लेकिन दुर्भाग्यवश, उसकी मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गईं।
निकाह के बाद पीड़िता जब ससुराल पहुंची, तो उसे दहेज की आग में झोंक दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि पति, सास, ससुर और जेठ ने मिलकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। प्रताड़ना का आलम यह था कि आरोपी पति उसे लगातार धमकाता रहा और दूसरी शादी करने की धमकी देकर उस पर मानसिक दबाव बनाता रहा।
लगातार हो रही इस अमानवीय प्रताड़ना और जानलेवा धमकियों से तंग आकर विवाहिता ने चार दिन पहले पति समेत चारों ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और जानलेवा हमले का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया। मायके में भी पीड़िता को चैन नहीं मिला, क्योंकि पति ने उसे वापस साथ रखने से साफ इनकार कर दिया और लगातार धमकियां देता रहा। उत्पीड़न की पराकाष्ठा पर पहुंची इस महिला ने आखिरकार मायके में ही ज़हर जैसा घातक कदम उठा लिया। ज़हर पीने के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत सीएचसी में भर्ती कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। इन बयानों को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल, पूरनपुर कोतवाली पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। यह घटना एक बार फिर समाज में महिलाओं के विरुद्ध हो रहे अपराधों, जबरन विवाह और दहेज प्रथा जैसी घिनौनी सामाजिक बुराइयों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, और न्याय व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है।
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