जोगराजपुर प्राथमिक विद्यालय का मार्ग जर्जर, स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही भारी परेशानी

खबर सार :-
पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड अंतर्गत जोगराजपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय तक जाने वाला मार्ग बर्बाद हालत में है। खराब सड़क के कारण छोटे बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। जल्दी मरम्मत न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

जोगराजपुर प्राथमिक विद्यालय का मार्ग जर्जर, स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही भारी परेशानी
खबर विस्तार : -

पीलीभीत जनपद के विकासखंड पूरनपुर क्षेत्र अंतर्गत जोगराजपुर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग बेहद जर्जर हालत में है। सड़क की खराब स्थिति के कारण विद्यालय में अध्ययनरत छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन स्कूल आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में यह रास्ता कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता है, जिससे बच्चों के गिरने और चोटिल होने का खतरा बना रहता है।

कई बार पहले की गई शिकायत

गांव वालों का कहना है कि इलाके में खराब सड़कों और मरम्मत न होने के बारे में पहले भी कई शिकायतें की गई हैं, लेकिन प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। गांव वालों ने इस समस्या के बारे में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को बार-बार बताया है, फिर भी सड़क की हालत वैसी ही बनी हुई है।

स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी

गांव वालों का आरोप है कि जोगराजपुर गांव सेहरामऊ रेलवे स्टेशन के पास होने के बावजूद, प्रशासन सड़क की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे न सिर्फ स्कूली बच्चों को, बल्कि बुजुर्गों और महिलाओं को भी दिक्कत हो रही है। सड़क की खराब हालत को लेकर गांव वालों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।

गांव वालों का कहना है कि खराब सड़क की वजह से बच्चों की स्कूल में रेगुलर हाजिरी पर असर पड़ रहा है और उनकी पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ रहा है। कई माता-पिता अपने बच्चों को अकेले स्कूल भेजने से डरते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई में रुकावट आ रही है। गांव वालों ने मांग की है कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्राइमरी स्कूल तक जाने वाली सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत करवाए।

आंदोलन की दी चेतावनी

वहीं इस मामले में बीडीओ का कहना है कि उन्हें समस्या की जानकारी प्राप्त हो चुकी है और शीघ्र ही सड़क मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार ऐसे ही आश्वासन दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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