रात के अंधेरे में फल-फूल रहा अवैध रेत खनन का कारोबार, जिम्मेदार मौन

खबर सार :-
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के सतरापुर गांव में देवहा नदी से रात में अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। रेत माफिया के लोग देवहा नदी में रेत खनन के लिए कई ट्रैक्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। राजस्व विभाग भी रात में हो रही इस अवैध रेत खनन गतिविधि पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

रात के अंधेरे में फल-फूल रहा अवैध रेत खनन का कारोबार, जिम्मेदार मौन
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः जनपद के थाना बरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत जिरौनिया चौकी क्षेत्र में अवैध रेत खनन का कारोबार लंबे समय से खुलेआम फल-फूल रहा है। गांव सत्रापुर के समीप देवहा नदी से रात के समय बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है। आरोप है कि रेत माफिया कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को नदी में उतारकर पूरी रात अवैध खनन करते हैं और सुबह होने से पहले रेत को विभिन्न स्थानों पर खपाया जाता है।

ग्रामीणों ने लगाया गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों के अनुसार, रातभर रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़कों पर दौड़ती रहती हैं, जिनकी तेज आवाज से आसपास के गांवों के लोग नींद से जाग जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि अवैध खनन का यह खेल जिरौनिया चौकी के बेहद नजदीक चल रहा है, इसके बावजूद पुलिस कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगती या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रेत खनन से खनन माफिया तो भारी मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन इससे शासन को राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा है। नियमों को ताक पर रखकर निकाली जा रही रेत का उपयोग पौटा कला क्षेत्र में प्लाटों के अवैध भराव में किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।

कई दिनों से चल रहा अवैध खनन

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब इस अवैध गतिविधि की सूचना राजस्व या अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को दी जाती है, तो रात के समय उनके फोन नहीं उठते। इससे लोगों में यह चर्चा आम हो गई है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण प्राप्त होने के कारण ही यह कारोबार बिना रोक-टोक जारी है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की घटना नहीं है, बल्कि कई महीनों से लगातार अवैध रेत खनन किया जा रहा है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि जिला प्रशासन और खनन विभाग इस मामले का संज्ञान लेकर अवैध रेत खनन पर तत्काल रोक लगाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और सरकारी राजस्व व पर्यावरण को हो रहे नुकसान को बचाया जाए।

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