पीलीभीत के तहसील में युवक और अधिवक्ता के बीच मारपीट, SDM कार्यालय के बाहर चले लात-घूंसे

खबर सार :-
पीलीभीत के पूरनपुर विद्युत डिवीजन कार्यालय में अधिवक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई, जिससे हालात बेकाबू हो गए। घटना के बाद नगर व देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसडीएम और सीओ ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

पीलीभीत के तहसील में युवक और अधिवक्ता के बीच मारपीट, SDM कार्यालय के बाहर चले लात-घूंसे
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः पीलीभीत के पूरनपुर विद्युत डिवीजन कार्यालय में मंगलवार को अधिवक्ताओं और बिजली कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प के बाद हालात बेकाबू हो गए। मारपीट की इस घटना के बाद नगर और देहात क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

कार्य में बाधा डालने का आरोप

विद्युत डिवीजन में तैनात सहायक कैशियर शिवांशु मिश्रा ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि 23 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 11:45 बजे वह कैशरूम में सरकारी धन जमा कर रहे थे। इसी दौरान अधिवक्ता संजय पांडे अपने 8-10 साथियों के साथ वहां पहुंचे।

कैशियर शिवांशु मिश्रा का आरोप है कि अधिवक्ताओं ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए। तहरीर में दावा किया कि हमलावरों ने काउंटर पर रखे 2,66,769 रुपए में से 1,39,189 रुपए लूट लिए। घटना के बाद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।

SDM व CO ने दिया आश्वासन

दूसरी ओर, अधिवक्ता संजय पांडे ने भी कोतवाली में तहरीर देकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि वह अधिवक्ता जैतराम पासवान के साथ एक सरकारी योजना का लाभ लेने और बिजली बिल की समस्या के समाधान के लिए एसडीओ कार्यालय गए थे। अधिवक्ता संजय पांडे का आरोप है कि कार्यालय में मौजूद एसडीओ गुप्ता ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक गालियां दीं और अपने साथियों को बुलाकर जान से मारने की धमकी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अजीत प्रताप सिंह और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) प्रतीक दहिया भारी पुलिस बल के साथ कोतवाली पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की तहरीरें लेकर उनका पक्ष सुना और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और लूटी गई रकम की बरामदगी की मांग पर अड़े हुए हैं।

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