अवैध कब्जे को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

खबर सार :-
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिला अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह के आदेश पर, जिला सचिव अखिलेश यादव उर्फ ​​कपिल यादव ने कलीनगर तहसील प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

अवैध कब्जे को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः पीलीभीत जनपद की तहसील कलीनगर क्षेत्र में सरकारी ग्राम समाज की भूमि पर हुए कथित अवैध कब्जे को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठन के जिला अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह के निर्देश पर जिला सचिव अखिलेश यादव उर्फ कपिल यादव के नेतृत्व में तहसील कलीनगर परिसर में अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है।

 जिला सचिव कपिल यादव ने लगाए गंभीर आरोप

धरने को संबोधित करते हुए जिला सचिव कपिल यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम समाज की लगभग 2 एकड़ सरकारी भूमि पर गांव के ही नसीमुद्दीन, गाजी और मंसूर गाजी द्वारा महज 24 घंटे के भीतर अवैध कब्जा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि यह कब्जा बिना प्रशासनिक मिलीभगत के संभव नहीं है। कपिल यादव ने सीधे तौर पर क्षेत्रीय लेखपाल अंकित गुप्ता और तहसीलदार वीरेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा करवाया है।

कपिल यादव ने कहा कि यह मामला खुलेआम भ्रष्टाचार का है और भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक अवैध कब्जा हटाया नहीं जाता और दोषी अधिकारियों व कब्जेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।

प्रशासन के खिलाफ दिखा आक्रोश

उन्होंने यह भी कहा कि धरने में बड़ी संख्या में बुजुर्ग किसान और ग्रामीण शामिल हैं। ठंड के मौसम में यदि किसी बुजुर्ग को कोई स्वास्थ्य समस्या होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी कलीनगर की होगी। कपिल यादव ने चेतावनी दी कि प्रशासन यदि किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास करेगा तो संगठन अपनी लड़ाई को और तेज करेगा।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिला सचिव ने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो यह मामला मुख्यमंत्री तक ले जाया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि संगठन को इंसाफ चाहिए, भ्रष्टाचार नहीं। किसानों और ग्रामीणों की जमीन पर किसी भी तरह की लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना स्थल पर लगातार नारेबाजी और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है।

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