लखनऊः विकास प्राधिकरण के रिकॉर्ड रूम में रखे नजूल भूमि के वर्ष 1862 के मानचित्र, जो धूल, नमी व दीमक लगने से खराब हो गये थे। अब उन्हें केमिकल ट्रीटमेंट के जरिए संरक्षित किया जा रहा है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बीते शनिवार को नई बिल्डिंग के विभिन्न कार्यालयों का हाल जाना। इसमें उन्होंने पुराने मानचित्रों के संरक्षण व फाइलों की स्कैनिंग में तेजी लाने के निर्देश दिये। पुराने मानचित्रों के संरक्षण का कार्य प्राधिकरण भवन की नई बिल्डिंग के 11वें तल पर स्थित रूद्राक्ष सभागार में किया जा रहा है।
निरीक्षण में पाया गया कि कार्यदायी संस्था इन्टैक कंजर्वेशन इंस्टीट्यूट की विशेषज्ञ टीम द्वारा मानचित्रों की फोटोग्राफी कराते हुए केमिकल ट्रीटमेंट के माध्यम से इनके संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। संस्था के प्रतिनिधि द्वारा अवगत कराया गया कि प्रथम चरण में नजूल भूमि के कुल 203 मानचित्र कंजर्वेशन कार्य के लिए उपलब्ध कराये गये हैं। इनमें से 102 मानचित्रों को ट्रीटमेंट के माध्यम से सफलतापूर्वक संरक्षित कर लिया गया है, जबकि शेष मानचित्रों पर काम चल रहा है। इसी तरह फाइलों की स्कैनिंग व डिजिटाइजेशन का कार्य भी प्रगति पर है।
इस क्रम में उपाध्यक्ष ने नई बिल्डिंग के प्रत्येक तल का निरीक्षण कर अधिकारियों, अभियंताओं एवं कर्मचारियों के कार्यालय देखे। इसमें पाया गया कि एक अनुभाग के कर्मचारी अलग-अलग जगह बैठ रहे हैं, जिससे विभागीय कार्य में अड़चन आ रही है। साथ ही पर्याप्त जगह व अधिक संख्या में कार्यालय कक्ष होने के बावजूद सही प्लानिंग न होने से अधिकारियों व कर्मचारियों के बैठने की सही व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिये कि अब से नई बिल्डिंग के तृतीय तल पर केवल मानचित्र व नियोजन अनुभाग की पूरी टीम बैठेगी। अभियंत्रण की टीम चतुर्थ और पंचम तल पर शिफ्ट होगी।
उपाध्यक्ष ने अन्य अनुभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों के बैठने के लिए तल व कक्ष निर्धारित किये। उन्होंने निर्देश दिये कि शिफ्टिंग के लिए सभी आवश्यक कदम उठाते हुए जल्द से जल्द यह व्यवस्था लागू करायी जाए। इस मौके पर सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा एवं सीपी त्रिपाठी, संयुक्त सचिव सुशील प्रताप सिंह, मुख्य नगर नियोजक केके गौतम व प्रभारी मुख्य अभियंता नवनीत शर्मा समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के पारिजात सभागार में शनिवार को ‘सिंगल टेबल क्लीयरेंस डे’ का आयोजन किया गया था। जिसमें समस्त अनुभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति में एक ही पटल पर लंबित फाइलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने खुद लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए फाइलों पर तुरंत निर्णय लिया। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चली इस कार्रवाई में रजिस्ट्री, नामांतरण, रिफंड, फ्री-होल्ड, अभियंत्रण आदि से संबंधित कुल 73 फाइलों का निस्तारण किया गया।
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