मिर्जापुरः जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व विवाद/कर एवं करेत्तर/कर्मचारी बैठक एवं आईजीआरएस समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (भूमि/राजस्व) देवेन्द्र प्रताप सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी (लालगंज) महेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी (सदर) गुलाब चन्द्र, उपजिलाधिकारी (मड़िहान) अनेग सिंह, उपजिलाधिकारी (चुनार) राजेश वर्मा सहित सभी तहसीलदार, नायब एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को मासिक एवं वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हेतु निर्देशित किया। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सभी बड़े बकायेदारों, जिनकी आरसी जारी हो चुकी है, की समीक्षा करें। कर एवं करेत्तर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने महानिरीक्षक (स्टाम्प, जीएसटी, परिवहन एवं विद्युत) द्वारा वार्षिक लक्ष्य से कम वसूली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा उन्हें मासिक एवं वार्षिक लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जीएसटी विभाग के अधिकारियों को जीएसटी के दायरे में आने वाले सभी व्यापारियों का जीएसटी पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जीएसटी के बारे में लोगों को जागरूक करने, नए व्यापारियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई करने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी आग्रह किया। उन्होंने नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी को बड़े बकायादारों से नियमानुसार बकाया राशि वसूलने के भी निर्देश दिए।
कर्मचारी बैठक के दौरान, उन्होंने सभी उप-जिलाधिपतियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे धारा 34 के अंतर्गत पांच वर्ष से अधिक पुराने, एक से तीन वर्ष पुराने और छह माह से एक वर्ष पुराने सभी मामलों का नियमानुसार समय पर निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी उप-जिलाधिपतियों को निर्देश दिए कि वे अपनी तहसीलों में व्यक्तिगत रूप से मासिक समीक्षा करें और धारा 34 के लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने धारा 67, धारा 24 एवं धारा 80 के अन्तर्गत प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
आईजीआरएस की समीक्षा में जिलाधिकारी ने असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त करने वाले विभागों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा निर्देश दिए कि शिकायत के निस्तारण से पूर्व अधिकारी मौके पर जाकर दोनों पक्षों की उपस्थिति में मामले का निस्तारण करें तथा उनका बयान लेकर निस्तारण आख्या के साथ अपलोड करें। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से भी शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क कर फीडबैक लिया जा रहा है, अतः जिस विभाग से असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त होगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा में वन विभाग के 7 में से 7 प्रकरणों तथा प्रबंधक लीड बैंक के 8 में से 7 प्रकरणों में शासन स्तर से फीडबैक प्राप्त होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा सुधार लाने के निर्देश दिए।
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