Kishtwar Cloudburst: 14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चुशोती गांव में बादल फटने की घटना से इलाके में भारी तबाही हुई थी. इस प्राकृतिक आपदा में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. ग्रामीण इलाकों में हर तरफ तबाही का मंजर है. इस घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है. अधिकारियों को डर है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं. यह घटना मचैल माता यात्रा मार्ग पर हुई, जिससे बड़ी संख्या में तीर्थयात्री भी प्रभावित हुए हैं. वहीं, इस प्राकृतिक आपदा में सीआईएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए और एक अभी भी लापता है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीआरओ, नागरिक प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें लगातार बचाव और तलाशी अभियान चला रही हैं। खबरों के अनुसार, 100 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं और दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह संख्या और भी ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि घटनास्थल पर मौजूद कई लोग अभी भी लापता हैं। बचाव कार्यों में आ रही मुश्किलों के बावजूद, टीमें मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में लगी हुई हैं।
घटनास्थल का दौरा करने के बाद भाजपा नेता रवींद्र रैना ने कहा, "इस गांव में कुदरत ने कहर बरपाया है। चारों तरफ तबाही मची है। बड़ी संख्या में लोग और उनके घर मलबे में दबे हुए हैं।" उन्होंने बताया कि अब तक मलबे से लगभग 70 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि आशंका है कि 200 से ज़्यादा लोग अभी भी दबे हो सकते हैं।
रैना ने कहा, "बचाव अभियान लगातार जारी है। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, बीआरओ, सीआईएसएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मिलकर काम कर रही हैं। सभी अधिकारी, जवान और स्थानीय लोग राहत कार्यों में लगे हुए हैं।" उन्होंने कहा कि प्रशासन लोगों को हर संभव मदद मुहैया करा रहा है। स्थानीय अधिकारी, डॉक्टरों की टीम और राहत सामग्री पहुँचाने वाले कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं। मलबा हटाने और शवों को निकालने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
किश्तवाड़ जिले के बाद बीते रविवार सुबह कठुआ जिले में अचानक बादल फट गया। देखते ही देखते पानी का सैलाब आसपास के इलाकों को बहा ले गया। इस आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि कई लोग बाढ़ में लापता हो गए। इसके अलावा रेलवे ट्रैक, राष्ट्रीय राजमार्ग और कठुआ पुलिस थाना परिसर को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है।
अन्य प्रमुख खबरें
नए साल पर थानेदार का मानवीय चेहरा, जरूरतमंदों को कंबल बांटकर मनाया नववर्ष
ऑपरेशन रिंग रिटर्न के तहत सोनभद्र पुलिस ने 253 खोए मोबाइल लौटाए, नागरिकों में खुशी
सोनभद्रः नववर्ष पर उमड़ा जनसैलाब, बच्चों के लिए खेलकूद का विशेष आयोजन
दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की नकदी, सोना और दस्तावेज जब्त
राज्य स्तरीय बैडमिंटन चैम्पियनशिप: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान
सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ, एडीएम व एआरटीओ ने जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी
गंगा तट पर आस्था का संगम: माघ मेला ढाईघाट 2025–26 को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में जुटा प्रशासन
बांग्लादेश के खिलाफ हिंदू संगठनों में आक्रोश, प्रधानमंत्री यूनुस का किया पुतला दहन
शीतलहर से बचाव के लिए जिलाधिकारी ने जरूरतमंदों को बांटे कंबल
नए साल में अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई और तेज करेगी असम सरकार: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा
सोनभद्र में जितेन्द्र निषाद द्वारा सैकड़ों ग्रामीणों को कंबल वितरण
अरोडवंश मंदिर में राम मंदिर स्थापना की दूसरी वर्षगांठ पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम
राम गिरी बिल लिपिक को सेवा निवृत्त होने पर दी गयी भावभीनी विदाई
समाज की समरसता और राष्ट्रीय एकता का संकल्प : हिन्दू सम्मेलन संपन्न