रेल्वे रनिंग स्टाफ में भारी असंतोष: भत्तों में मात्र 14% की बढ़ोतरी पर भड़का आक्रोश

खबर सार :-
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में रेलवे के रनिंग स्टाफ के भत्तों में वृद्धि की है, हालाँकि, स्टाफ के सदस्य रनिंग भत्ते में की गई इस वृद्धि की मात्रा से बेहद असंतुष्ट हैं। परिणामस्वरूप, इस मामूली वृद्धि के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए उन्होंने प्रदर्शन किए।

रेल्वे रनिंग स्टाफ में भारी असंतोष: भत्तों में मात्र 14% की बढ़ोतरी पर भड़का आक्रोश
खबर विस्तार : -

झांसीः रेलवे के रनिंग स्टाफ के भत्तों में हाल ही में की गई वृद्धि को लेकर कर्मचारियों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित इस संशोधन में केवल 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिसे कर्मचारी संगठनों ने अपर्याप्त बताते हुए इसका विरोध शुरू कर दिया है।

अपने अधिकारों को लेकर बुलंद की आवाज

ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल की झांसी मंडल इकाई ने इस निर्णय के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि जब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है, तब रनिंग एलाउंस में केवल 14 प्रतिशत की वृद्धि करना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। परिषद ने कम से कम 25 प्रतिशत बढ़ोतरी और लंबित एरियर के भुगतान की मांग की है।

इसी मुद्दे पर नॉर्थ सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज संघ ने भी विरोध दर्ज कराया है। संगठन के मंडल अध्यक्ष गौरव श्रीवास्तव के नेतृत्व में झांसी में रनिंग और ट्रैफिक स्टाफ द्वारा संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार से अपने अधिकारों की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।

नियम हटाने से भड़के कर्मचारी

वित्त मंत्रालय के फैसले के तहत सहायक लोको पायलट, लोको पायलट, शंटिंग लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर जैसे पदों पर कार्यरत रनिंग स्टाफ के भत्तों में संशोधन किया गया है। हालांकि कर्मचारियों का कहना है कि पिछले वर्ष से लंबित 25 प्रतिशत माइलेज या किलोमीटर भत्ता भी अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हुआ था, जिसे हाल ही में मंजूरी दी गई है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।

काउंसिल के मंडल सचिव अमर गुप्ता ने कहा कि परंपरागत रूप से रनिंग एलाउंस का संशोधन महंगाई भत्ते के अनुपात में किया जाता रहा है, लेकिन इस बार इस सिद्धांत से हटकर निर्णय लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है। वहीं सचिव सुनील कुमार मीणा ने मांग की कि रनिंग एलाउंस में तुरंत 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाए और 1 जनवरी 2024 से बकाया एरियर का भुगतान किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान विजय नामदेव, महाराज सिंह और अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।

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