झांसी प्रशासन की सख्त कार्यवाही: दूषित जल आपूर्ति को लेकर बढ़ी सतर्कता

खबर सार :-
झांसी प्रशासन ने इंदौर में हुई दूषित पानी से मौतों के बाद जल आपूर्ति की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जल संस्थान और जल निगम ने मोहल्लों में जांच की और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए टीम बनाई है।

झांसी प्रशासन की सख्त कार्यवाही: दूषित जल आपूर्ति को लेकर बढ़ी सतर्कता
खबर विस्तार : -

झांसी : हाल ही में इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के बाद प्रशासन ने जल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों ने शहर के विभिन्न मोहल्लों, सीडब्ल्यूआर (क्लियर वाटर रिजर्वायर) और पानी की टंकियों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने कई स्थानों से जल के सैंपल लिए और पाइपलाइनों का निरीक्षण किया, जो नालों और नालियों के पास से गुजरती हैं। इन पाइपलाइनों में लीकेज होने से दूषित पानी की आपूर्ति की संभावना रहती है, जिस पर प्रशासन ने गहरी चिंता व्यक्त की है।

इसके अलावा, मंडल आयुक्त विमल कुमार दुबे और नगर निगम के अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। नगर आयुक्त ने जल संस्थान और जल निगम को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि पाइपलाइन की नियमित मरम्मत की जाए, जल स्रोतों की सफाई हो और टंकी, नलकूप और अन्य जल स्रोतों का नियमित निरीक्षण किया जाए। इस पहल के तहत नगर निगम ने एक कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किया है, जिस पर लोग दूषित या गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायत कर सकते हैं। जल संस्थान और जल निगम ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए, सड़कों पर उतरकर पानी की गुणवत्ता की जांच की। महाप्रबंधक सिद्धार्थ कुमार के नेतृत्व में जल संस्थान की टीम ने शहर के विभिन्न मोहल्लों में जाकर पानी के सैंपल लिए और उसमें क्लोरीन की मात्रा की जांच की, जो मानक के अनुरूप पाई गई। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं।

जल निगम ने भी नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए अपनी टीम को तैनात किया है। परियोजना अधिकारी मुकेश पाल के नेतृत्व में जल निगम के अधिकारियों ने लाहरगिर्द में पाइपलाइन लीकेज चेक किया और टंकी तथा पानी की गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान पानी में क्लोरीन की मात्रा की भी जांच की गई, जो सही पाई गई। मुकेश पाल ने बताया कि प्रत्येक वार्ड के लिए सहायक अभियंता और अभियंताओं की ड्यूटी लगाई गई है, जो नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता, लीकेज और सफाई की जांच करेंगे और रिपोर्ट देंगे। झांसी प्रशासन की यह सख्त पहल यह सुनिश्चित करने के लिए है कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो, और दूषित पानी से होने वाली किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।

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