चाकसू: नीलकंठ चौराहे पर लगाया गया अस्थायी लोहे का द्वार बना खतरा

खबर सार :-
नीलकंठ चौक पर लगा एक टेम्पररी लोहे का गेट इन दिनों लोगों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। कहा जा रहा है कि यह गेट एक प्राइवेट मेडिकल इंस्टिट्यूशन ने खुद को प्रमोट करने के मकसद से लगवाया था।

चाकसू: नीलकंठ चौराहे पर लगाया गया अस्थायी लोहे का द्वार बना खतरा
खबर विस्तार : -

चाकसूः चाकसू कस्बे के नीलकंठ चौराहे पर अस्थायी रूप से लगाया गया एक लोहे का द्वार इन दिनों आमजन के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यह द्वार एक निजी चिकित्सा संस्थान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से लगाया गया है। नीलकंठ चौराहा कस्बे का अत्यंत व्यस्ततम मार्ग है, जहां दिन-रात भारी संख्या में राहगीरों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है।

बड़ी घटना की बनी हुई है आशंका

जानकारी के अनुसार, हाल ही में नीलकंठ मंदिर में आयोजित पोषबड़ा कार्यक्रम के दौरान एक टेंट वर्कर द्वारा किराये पर यह लोहे का द्वार मुख्य चौराहे पर लगाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी अब तक इस द्वार को हटाया नहीं गया है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा चलने या किसी वाहन के टकराने की स्थिति में यह असुरक्षित ढांचा गिर सकता है, जिससे जनहानि होने की पूरी संभावना है। चौराहे पर पहले से ही यातायात का दबाव अधिक रहता है, ऐसे में यह गेट दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है।

उचित कार्रवाई की मांग

इस मामले में जागरूक नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निजी स्वार्थ के लिए सार्वजनिक मार्ग पर इस तरह का प्रचार साधन लगाना पूरी तरह अनुचित है। यह न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहा है, बल्कि किसी निर्दोष व्यक्ति की जान भी खतरे में डाल सकता है।

स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस जानलेवा गेट को हटवाया जाए तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए।

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