Elephant Terror jharkhand : झारखंड में जंगली हाथी का आतंक, 6 लोगों को कुचलकर मार डाला

खबर सार :-
Elephant Terror Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक अब जानलेवा हो गया है। नोआमुंडी ब्लॉक की घटना ने झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। एक जंगली हाथी ने दो गांवों में तबाही मचाई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई।

Elephant Terror jharkhand : झारखंड में जंगली हाथी का आतंक, 6 लोगों को कुचलकर मार डाला
खबर विस्तार : -

Elephant Terror jharkhand: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक जंगली हाथी ने जमकर कहर बरपाया है। देर रात हाथी ने नोआमुंडी और हाटगम्हरिया इलाके में अलग-अलग हमलों में छह लोगों को कुचलकर मार डाला। इनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल थे। इस घटना से पूरे इलाके दहशत फैल गई है। वहीं गांव वाले डरे हुए है। 

Elephant Terror jharkhand: घरों में सो रहे ग्रामीणों पर किया हमला

मिली जानकारी के मुताबकि नोआमुंडी इलाके में हाथी ने मंगलवार को अचानक घरों में सो रहे लोगों पर हमला कर दिया। एक परिवार के चार सदस्यों समेत छह लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। गांव वालों का कहना है कि हाथी दिन में जंगल में छिप जाता है और रात में गांवों की तरफ जाता है। यह अंधेरे में सो रहे लोगों पर हमला करता है।  ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथी को पकड़ने या सुरक्षित जंगल क्षेत्र में खदेड़ने की मांग की है।

हाथी के हमले में अब तक 9 लोगों की मौत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि झुंड से अलग होने या हार्मोनल बदलाव की वजह से नर हाथी इतने गुस्सैल हो जाते हैं। इस इलाके में सारंडा और कोल्हान के घने जंगलों से हाथी अक्सर निकलते हैं। हालांकि, यह हमला बहुत खतरनाक साबित हो रहा है। चाईबासा डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर आदित्य नारायण ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि यह हाथी झुंड से बिछड़ गया था और पिछले कई दिनों से हिंसक तरीके से गांवों में घुस रहा है। इस हाथी की वजह से मौतों का सिलसिला 2026 की शुरुआत से ही चल रहा है। जिले में अब तक हाथियों के हमलों में नौ से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मंगलवार रात का हमला सबसे भयानक था।

Elephant Terror jharkhand: पूरी रात हाथी को ट्रैक करती रही टीम

फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम पूरी रात हाथी को ट्रैक करती रही। पश्चिम बंगाल से आई एक स्पेशल टीम भी जंगलों में सर्च कर रही है। थर्मल सेंसर लगे ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, वे अभी तक हाथी को पकड़ने में कामयाब नहीं हुए हैं। गांव वाले बिना हथियार के हैं और अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। कई गांवों में लोग जागकर रात बिता रहे हैं। 

एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी है। डिपार्टमेंट ने अब हाथी को ट्रैंक्विलाइज़ करने का प्लान बनाया है। बेकाबू हाथी को ट्रैंक्विलाइज करने की तैयारी चल रही है। दुनिया के सबसे बड़े एनिमल कंज़र्वेशन सेंटर में से एक, वंतारा की एक टीम से रिक्वेस्ट की गई है। सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन बुधवार से शुरू हो सकता है। हाथी को बेहोश करके सुरक्षित जगह पर ले जाया जाएगा।

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