लखनऊ, जिलाधिकारी विशाखजी ने कुकरैल नदी के विभिन्न क्षेत्रों में नदी के पुनर्जीवन के लिए किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। कुकरैल नदी के उद्गम स्थल अस्ति ग्राम स्थित दसौर बाबा तालाब जाने का भी यही कारण रहा। डीएम के साथ अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई भी थे। उन्होंने बताया कि 2.7 हे0 भूमि में स्थित तालाब की खुदाई एवं पुनर्जीवन का कार्य कराया जा रहा है। उक्त के बाद जिलाधिकारी द्वारा दसौर बाबा तालाब के पास स्थित दूसरे तालाब का भी निरीक्षण किया गया। दोनों तालाबों में भी पिचिंग और स्लोप के कार्य नहीं किए गए, जिसके सम्बन्ध में अधिशासी अभियंता द्वारा बताया गया कि तालाब में पिचिंग और स्लोप के कार्य को शामिल करते हुए सप्लीमेंट्री एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।
दोनों तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य के सम्बन्ध में डीसी मनरेगा को निर्देशित किया गया कि समिति बनाते हुए किए गए कार्यों का सत्यापन कराया जाए कि कार्य एस्टीमेट के अनुसार हुए है या नहीं। उक्त के साथ ही खंड विकास अधिकारी बीकेटी को निर्देशित किया गया कि दसौर बाबा तालाब स्थित घाट का सौंदर्यकरण और साफ सफाई की व्यवस्था को सुनिश्चित कराया जाए। निरीक्षण के दौरान डीसी मनरेगा द्वारा बताया गया कि उक्त दोनों तालाबों को ह्यूम पाइप डाल कर कलवर्ट बनाते हुए जोड़ा गया है। ताकि पानी के प्रवाह को कुकरैल नदी तक पहुंचाया जा सके।
रीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई को निर्देशित किया कि कुकरैल नदी का पुराना सेटेलाइट डेटा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस का आंकलन किया जा सके कि नदी में कितना पानी रहता था और कितने फ्लो में रहता था। उसके बाद जिलाधिकारी द्वारा दोनों तालाबों के पास बने कूप का भी निरीक्षण किया गया। ग्राम प्रधान द्वारा अवगत कराया गया कि यही कूप ही कुकरैल नदी का उद्गम स्थल है, जहां से पानी दोनों तालाबों में होता हुआ कुकरैल ड्रेन में मिलता था।
र्तमान में कूप सूखा पाया गया, जिसके सम्बन्ध में जिलाधिकारी द्वारा खंड विकास अधिकारी और डीसी मनरेगा को निर्देशित किया कि कूप की साफ सफाई कराना सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद जिलाधिकारी द्वारा तालाब के पास स्थित ड्रेन का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी बीकेटी को निर्देशित किया गया कि तत्काल ड्रेन की सफाई कराते हुए जल कुंभी हटवाना सुनिश्चित किया जाए।
उसके बाद जिलाधिकारी द्वारा मनरेगा के द्वारा बनाई गई ड्रेन जो जो कुकरैल नदी को उद्गम स्थल से जोड़ती है उनका निरीक्षण किया गया। साथ ही कुकरैल नदी के प्राकृतिक फ्लो में जहां जहां भी रुकावट आ रही है उसको खत्म करना सुनिश्चित किया जाए। उक्त के साथ ही वन विभाग को निर्देशित किया गया कि फारेस्ट एरिया में जितनी भी वाटर बाडीज है उन सभी की डिसिल्टिंग का कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। उक्त निरीक्षण में उप जिलाधिकारी बीकेटी, तहसीलदार बीकेटी, डीसी मनरेगा, खंड विकास अधिकारी बीकेटी, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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