डिजिटल निवेश के नाम पर 850 करोड़ की ठगी: फाल्कन ग्रुप का एमडी अमर दीप गिरफ्तार

खबर सार :-
फाल्कन ग्रुप डिजिटल निवेश घोटाला ऑनलाइन निवेश के नाम पर की जा रही संगठित धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण है। अमर दीप की गिरफ्तारी से जांच को नई दिशा मिली है, लेकिन हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई अब भी अधर में लटकी है। यह मामला लोगों को सतर्क रहने और बिना जांच-पड़ताल किसी डिजिटल निवेश योजना में पैसा न लगाने की चेतावनी देता है।

डिजिटल निवेश के नाम पर 850 करोड़ की ठगी: फाल्कन ग्रुप का एमडी अमर दीप गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

Digital Investment Scam: डिजिटल निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलंगाना पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) ने फाल्कन ग्रुप के प्रबंध निदेशक (एमडी) अमर दीप को गिरफ्तार कर लिया है। अमर दीप को खाड़ी देशों से लौटने के तुरंत बाद मुंबई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। इमिग्रेशन विभाग से मिली गुप्त सूचना के आधार पर CID ने यह कार्रवाई की।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घोटाले का खुलासा होने के बाद आरोपी दुबई फरार हो गया था। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी किया जा चुका था। फिलहाल आरोपी को हैदराबाद लाया जा रहा है, जहां उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

मोबाइल एप से रची गई करोड़ों की ठगी

CID की जांच में सामने आया है कि अमर दीप ने मोबाइल एप आधारित डिजिटल डिपॉजिट योजनाओं के जरिए निवेशकों से करीब 850 करोड़ रुपए की हेराफेरी की। आरोप है कि फाल्कन ग्रुप ने बिना किसी वैधानिक अनुमति के जनता से भारी मात्रा में निवेश जुटाया और बाद में रकम हड़प ली।

पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां

इस हाई-प्रोफाइल मामले में इससे पहले भी कई अहम गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। जुलाई 2023 में फाल्कन ग्रुप के मुख्य संचालन अधिकारी (COO) आर्यन सिंह को पंजाब के बठिंडा से गिरफ्तार किया गया था। वहीं, मई में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) योगेंद्र सिंह को भी हिरासत में लिया गया था। अब तक इस घोटाले में कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

फर्जी सौदों और ज्यादा ब्याज का झांसा

CID के अनुसार, आरोपियों ने “फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग एप” के जरिए बड़ी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी निवेश सौदे दिखाए। निवेशकों को कम समय में अधिक रिटर्न और सुरक्षित पूंजी का लालच दिया गया। इसी झांसे में आकर हजारों लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी।

हजारों निवेशक बने शिकार

सीआईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के जरिए 7,056 निवेशकों से लगभग 4,215 करोड़ रुपए जुटाए गए, जिनमें से करीब 4,065 लोग सीधे तौर पर ठगी के शिकार हुए। इस एप को कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया और गूगल, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका जमकर प्रचार किया गया। टेलीफोन कॉल्स के जरिए भी लोगों को फंसाया गया।

देशभर में दर्ज हैं कई मामले

पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर साइबराबाद के EOW थाने में तीन केस दर्ज किए गए थे, जिन्हें बाद में CID को सौंपा गया। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों में फाल्कन ग्रुप और उसके निदेशकों के खिलाफ आठ अन्य मामले भी दर्ज हैं।

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