लखनऊः जिले को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के लिए एक अभियान अर्जुनगंज और टेढी़पुलिया क्षेत्र में चलाया गया। इस अभियान में आज 14 मई को कई अधिकारी शामिल हुए थे। पूरे दिन चले अभियान का जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौकाने वाला है। नवाबों का शहर, जहां मुख्यमंत्री और तमाम मंत्री रहते हैं। यहां बड़े अधिकारियों की फौज है, लेकिन आज भी महिलाओं और बच्चों को जबरन भिक्षा मांगने के लिए विवश किया जा रहा है। कई लोगों को भिक्षा मांगने के लिए चौराहों पर पहुंचा दिया जाता है, फिर शाम को उन्हें लेने भी पहुंच जाते हैं। लेकिन आज इस मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है।
शहर में कुल 36 व्यक्तियों, बच्चों, महिलाओं को उनके बेहतर ढर्रे पर लाने की कोशिश की गई है। 03 वृद्धों को वृद्धाश्रम में पहुंचाकर उनकी देखरेख का जिम्मा संबंधित संस्थाओं को दिया गया। खुद जिलाधिकारी विशाखजी अय्यर ने इस अभियान की वास्तविकता परखी। भिक्षावृत्ति को प्रोत्साहित करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के अंतर्गत सुशांत गोल्फ सिटी और गुडम्बा थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
लखनऊ को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिए टीमें गठित की गई हैं। इनके कार्यों के सत्यापन के लिए जिलाधिकारी उन स्थानों पर पहुंच रहे हैं, जहां कहीं पर भिक्षा मांगने वालों का पता चलता है। जिलाधिकारी की ओर से मीडिया को बताया गया कि जनपद को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करने के लिए शहर के 19 मुख्य चौराहों जिनमें हजरतगंज, सिकंदरबाग, बर्लिंग्टन चौराहा, हुसैनगंज, चारबाग, अवध चौराहा, आलमबाग, फीनिक्स माल, इन्दिरागांधी प्रातिष्ठान, पॉलीटेक्निक, अलीगंज, कपूरथला, इंजीनियरिंग कॉलेज, टेढ़ीपुलिया चौराहा, अर्जुनगंज, तेलीबाग, भूतनाथ, लालबत्ती, बंदरियाबाग में निगरानी चल रही है। नगर निगम, प्रोबेशन कार्यालय की संयुक्त टीम लगाकर सिग्नल्स पर भिक्षावृत्ति करने वालों की निगरानी कर उनकी काउंसलिंग कर उनको समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे है। अर्जुनगंज चौराहे पर पहुंच कर निगरानी कर रही टीम के साथ डीएम ने बात भी किया।
टीम ने बताया कि इस चौराहे पर एक महिला अपने बच्चे के साथ भिक्षावृत्ति करती मिली थी। वह अपने को रायबरेली निवासी बता रही है। टीम द्वारा बताया गया कि महिला से पुछताछ में पता चला कि एक व्यक्ति 5-6 महिलाओं को अर्जुनगंज चौराहे पर भिक्षावृत्ति करने के लिए छोड़ जाता है। शाम को वह इनको वापस ले जाता है। महिला और बच्चे को रेस्क्यू वैन से लोकबन्धु हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां उनका और बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर रायबरेली के जिला प्रोबेशन अधिकारी से समन्वय किया जाएगा। महिला को उसके निवास स्थान पहुंचा कर उनको सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाते हुए मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। साथ ही जो व्यक्ति महिलाओं को छोड़ने आता है, उसके विरुद्ध जिला प्रोबेशन अधिकारी लखनऊ द्वारा ही मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने संरक्षण अधिकारी के माध्यम से संबंधित प्रकरण में थाना-सुशान्त गोल्फ सिटी लखनऊ में रिपोर्ट दर्ज करवा दी है।
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