भीलवाड़ाः भीलवाड़ा जिले के मांडल चौराहे पर बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार मां और उसके दो साल के बेटे की डंपर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा इतना भीषण था कि मौके पर मौजूद लोगों ने अपनी आंखों के सामने दिल दहला देने वाला मंजर देखा। हादसे की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
करेरा निवासी लादू लाल रैगर अपनी पत्नी रेखा देवी और दो साल के बेटे मुकेश के साथ बाइक पर भीलवाड़ा से करेरा लौट रहे थे। उनका बेटा बीमार था और परिजन उसका इलाज कराकर लौट रहे थे। शाम करीब साढ़े सात बजे जब वे मांडल-भीलवाड़ा चौराहे पर पहुंचे तो बारिश हो रही थी और सड़क पर पानी जमा था।
इसी दौरान तेज गति से आ रहे डंपर ने आगे चल रही बाइक को टक्कर मार दी। बारिश के कारण सड़क पर फिसलन होने से तीनों सड़क पर गिर गए। डंपर का अगला हिस्सा मां-बेटे के ऊपर से गुजर गया। दो वर्षीय मासूम मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रेखा देवी को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। वहीं, लादू लाल को गंभीर चोटें आई हैं और उसे महात्मा गांधी अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस दुखद हादसे के बाद चौराहे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए और घायलों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। एंबुलेंस 108 के पायलट प्रभु प्रजापत मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने मां-बेटे को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने बताया कि डम्पर चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। बारिश के कारण दृश्यता कम थी, फिर भी उसने गति कम नहीं की। सड़क पर जमा पानी में वाहन अनियंत्रित हो गया और बाइक सवारों को कुचल दिया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही माण्डल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और डम्पर को जब्त कर लिया। डम्पर चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है। थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मांडल चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था बेहद खराब है और यहां भारी वाहनों की आवाजाही पर कोई नियंत्रण नहीं है। आए दिन लापरवाही से वाहन चलाने के कारण लोगों की जान जा रही है। उन्होंने मांग की है कि इस चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस को स्थाई रूप से तैनात किया जाए और भारी वाहनों की गति पर नजर रखने के लिए कैमरे और गति नियंत्रण उपकरण लगाए जाएं।
इस हादसे ने एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया है। लादू लाल रैगर की पत्नी और दो साल का बेटा उनकी आंखों के सामने ही दुनिया छोड़कर चले गए। घायल अवस्था में वह अपनी पत्नी और बेटे को गोद में लेकर सड़क पर रोता रहा। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू ला दिया।
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