भरतपुरः भरतपुर बृज विश्वविद्यालय की शर्मनाक लापरवाही का एक और मामला सामने आया है, जिसमें पास हुए 4500 विद्यार्थियों को फेल कर दिया गया है, जिस पर अब विद्यार्थियों के पास पुनर्मूल्यांकन का ही सहारा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतिदिन इसकी कार्यशैली के कारण डीग जिले के कुम्हेर क्षेत्र में स्थित महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों के स्नातक प्रथम वर्ष (कला, विज्ञान) के हजारों विद्यार्थियों के सामने अचानक संकट खड़ा हो गया है, जिसमें 4500 विद्यार्थी पास से फेल कर दिए गए हैं। जो विद्यार्थी सितम्बर 2024 में जारी प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में पास थे, उन्हें अप्रेल 2025 में जारी प्रथम वर्ष के परिणाम में एक या अधिक विषयों में फेल घोषित कर दिया गया है अथवा उन्हें बैक कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय की शर्मनाक लापरवाही का असर करीब 4500 विद्यार्थियों पर पड़ा है, जो कुल विद्यार्थियों का करीब 20% है। विश्वविद्यालय ने अपनी गलती तो मान ली है लेकिन विद्यार्थियों को अब पुनर्मूल्यांकन का सहारा लेना पड़ेगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. फरवत सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के नियमों को ठीक से न समझने के कारण यह असमंजस की स्थिति बनी है।
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