बारामूला में बड़ा एक्शन: प्रतिबंधित संगठन के नेटवर्क पर पुलिस की जोरदार चोट

खबर सार :-
बारामूला में की गई यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रतिबंधित संगठनों और उनके नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई यह तलाशी न केवल सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

बारामूला में बड़ा एक्शन: प्रतिबंधित संगठन के नेटवर्क पर पुलिस की जोरदार चोट
खबर विस्तार : -

Police Action: बारामूला जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह अभियान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया। पुलिस का कहना है कि ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके।

मीरगुंड इलाके में चला तलाशी अभियान

बारामूला पुलिस के अनुसार, यह तलाशी अभियान पुलिस पोस्ट मीरगुंड के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मिर्चीमार्ग, मीरगुंड इलाके में चलाया गया। पुलिस टीमों ने यहां दो व्यक्तियों के आवासों पर छापेमारी की। इनमें गुलाम हुसैन मलिक पुत्र मोहम्मद इब्राहिम मलिक, गुलाम मोहम्मद सोफी पुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला सोफी शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों व्यक्ति पहले प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन से जुड़े रह चुके हैं।

कानूनी दायरे में की गई पूरी कार्रवाई

यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 45/2025, थाना पट्टन के तहत की गई है। मामला यूएपीए की धारा 10 और 13 के साथ-साथ बीएनएस की धारा 147 और 148 के अंतर्गत दर्ज है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि तलाशी से पहले सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिंहपोरा, पट्टन से वैध तलाशी वारंट प्राप्त किया गया था।

मजिस्ट्रेट और स्थानीय अधिकारियों की मौजूदगी

पुलिस ने बताया कि तलाशी की पूरी प्रक्रिया कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिंहपोरा की मौजूदगी में संपन्न की गई। इसके अलावा, संबंधित नंबरदार भी मौके पर उपस्थित रहे। इस दौरान कानून द्वारा निर्धारित सभी नियमों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया गया, ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और वैध रहे।

जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन पर प्रतिबंध

जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन एक प्रमुख कश्मीरी शिया राजनीतिक और धार्मिक संगठन रहा है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मार्च 2025 में इस संगठन पर यूएपीए के तहत पांच साल का प्रतिबंध लगाया था। बाद में सितंबर 2025 में एक विशेष ट्रिब्यूनल ने इस प्रतिबंध की पुष्टि करते हुए इसे गैरकानूनी संघ घोषित किया। संगठन की स्थापना 1962 में मोहम्मद अब्बास अंसारी ने की थी। वर्ष 2022 में उनके निधन के बाद संगठन का नेतृत्व उनके बेटे मसरूर अब्बास अंसारी संभाल रहे हैं।

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