बांदा: जनपद में खाद की एक गंभीर समस्या है। रबी फसलों की बोआई के लिए किसान तैयारी कर रहे हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल रही। अधिकारी पर्याप्त खाद का स्टॉक होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन किसान समितियों से खाली हाथ लौट रहे हैं। किसान को टोकन के लिए लंबी लाइन में घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद कहीं एक बोरी खाद मिल पाती है।
जिले में करीब साढ़े तीन लाख हेक्टेयर में रबी फसलों की बोआई होती है। इस वर्ष मानसूनी बारिश ने किसानों को खासा परेशान किया। अभी तक हो रही बारिश से खेतों की जोताई नहीं हो सकी। बोआई में पिछड़ रहे किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। मटर, चना, मसूर, सरसो, अलसी आदि की बोआई यदि दीपावली के पहले नहीं हो पाती तो इसका असर उत्पादन पर पड़ेगा। इसी चिंता में किसान परेशान है। अन्नदाता बोआई की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उन्हें खाद की आवश्यकता है। लेकिन उन्हें मायूस होना पड़ रहा है।
खाद के लिए मंगलवार रात से किसान मंडी समिति में जुटने लगे। बुधवार तड़के चार बजे से वह लाइन में लग गए। करीब नौ बजे टोकन बंटने शुरू हुए। बुधवार को मंडी में 500 टोकन बांटे गए। एक टोकन पर किसानों को एक बोरी खाद ही दी गई। परसौंडा के रामलखन, खेमराज, पपरेंदा के बुद्ध विलास, रामसखी, कौशल्या, जौहरपुर के राधेश्याम आदि ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे रहे, पर एक बोरी खाद ही मिल पाई।
तिंदवारी स्थित दक्षिण सहकारी समिति में शाम करीब बजे महिला किसानों ने खाद न मिलने पर जाम लगा दिया। इससे करीब आधा घंटे तक बांदा-फतेहपुर राजमार्ग बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। महिला किसान सावित्री, राजकिशोर, शिवप्यारी आदि ने बताया कि सुबह से सहकारी समितियों में खाद का मिलने का इंतजार करती रहीं। नकद देने पर भी खाद नहीं मिल रही।
सहकारी संघ दक्षिणी व उत्तरी में बुधवार को खाद के लिए बड़ी संख्या में किसान जुटे। किसानों को पुलिस की देखरेख में टोकन व खाद वितरित की गई। दक्षिणी सहकारी संघ के मधुराज ने बताया कि 500 बोरी यूरिया के लिए 150 किसानों को टोकन दिए गए हैं। वहीं दक्षिणी सहकारी समिति के अरुण कुमार ने बताया कि डीएपी की 1500 बोरी आई है। 400 किसानों को टोकन देकर खाद बांटी जा रही है। किसान राममिलन, बच्चा, संतोष आदि ने कहा खेतीबाड़ी छोड़कर खाद के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है।
उधर बबेरू के गल्ला मंडी में खाद के लिए बुधवार को हजारों किसान जुटे। सुबह से किसान खाद न मिलने पर परेशान रहे। इसकी जानकारी होने पर सपा विधायक विशंभर सिंह यादव मौके पर पहुंचे और सचिव व कर्मचारियों को फटकारा। कोतवाली से पुलिस फोर्स बुलाकर उन्होंने खाद वितरण शुरु कराया। बुधवार को समिति में चार सौ बोरी खाद आई थी। किसानों की भीड़ ज्यादा होने से ज्यादातर को खाद नहीं मिल सकी। विधायक ने कहा कि वर्तमान सरकार में किसान परेशान हैं। खाद के लिए अन्नदाता दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं। प्रदेश में शराब की दुकानें दोगुनी हो गईं, लेकिन खाद के लिए किसान तरस रहे हैं। इस दौरान ज्ञानसिंह यादव, राजेश शिवहरे, अखिलेश पाल सहित अन्य मौजूद रहे।
बांदा मे किसानों को खाद न दे पाने से आहत निवाइच साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष राममिलन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बुधवार को उन्होंने सहकारिता आयुक्त को भेजे पत्र में बताया कि जिले में खाद के संकट से किसान परेशान हैं। हजारों किसान रोजाना समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। लेकिन उनको पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही। ऐसे में किसानों को परेशान होता देख आहत हूं। कहा कि इसी वजह से वह अपने पद से त्यागपत्र दे रहे हैं। उन्होंने आयुक्त से मांग की कि जिले में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में खाद की उपलब्धता कराई जाए। इससे किसानों को राहत मिल सकेगी।
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