UP SIR News: समाजवादी पार्टी के मुखिया व पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने उत्तर प्रदेश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू (SIR) प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग और योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में अखिलेश ने चार सीधी मांगें कीं और दावा किया कि सत्ताधारी पार्टी जानबूझकर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) कैटेगरी के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश कर रही है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "X" पर SIR प्रोसेस को लेकर योगी सरकार से सीधे सवाल किया। उन्होंने कहा कि सरकार को आज उत्तर प्रदेश में अब तक पूरे हुए SIR के परसेंटेज के बारे में साफ बयान जारी करना चाहिए। उन्होंने BLO पर बढ़ते दबाव को लेकर भी गहरी चिंता जताई। अखिलेश ने अपने पोस्ट में BLO पर "जानलेवा दबाव" तुरंत हटाने और समय पर और अधिकृत लोगों को तैनात करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी और उसके साथी चुपके से इस प्रक्रिया में दखल दे रहे हैं। ऐसी गतिविधियों को तुरंत रोकने की मांग की और सुनिश्चित किया जाए कि आगे भी ऐसा न हो।
उन्होंने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- कई चुनाव क्षेत्रों में PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव क्षेत्र में इसकी पूरी जांच होनी चाहिए और ऐसी कोशिशों को हर कीमत पर रोका जाना चाहिए। अखिलेश ने आगे लिखा कि यह सिर्फ मतदाता सूची की दिक्कत नहीं है, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है। उन्होंने कहा कि सपा के वर्कर हर पोलिंग बूथ पर नजर रख रहे हैं और कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी ने अपने मौजूदा और पुराने सांसदों को अपने-अपने जिलों में दिन-रात कैंप करने और फॉर्म-7 की कॉपी जमा करने का निर्देश दिया है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के चुनाव डायरेक्टर, नवदीप रिनवा ने राज्य के सभी जिला चुनाव अधिकारियों को SIR को समय पर और अच्छी क्वालिटी में पूरा करने का निर्देश दिया है। चुनाव डायरेक्टर ने कहा कि राज्य में अब तक 12.69 मिलियन से ज़्यादा वोटरों (लगभग 82%) की टैली शीट का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। इसके अलावा, BLO ने 28,491 पोलिंग बूथों पर शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने राज्य के उन सभी योग्य वोटरों से अपील की जिन्होंने अभी तक BLO को अपने टैली फॉर्म जमा नहीं किए हैं, वे डेडलाइन का इंतजार किए बिना उन्हें तुरंत पूरा करके जमा कर दें। दरअसल भारतीय निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की समय सीमा बढ़ाकर 11 दिसंबर तक कर दी गई है।
गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रोसेस के दौरान BLO की मौतों को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया था। तमिलनाडु की पॉलिटिकल पार्टी TVK की तरफ से फाइल की गई पिटीशन पर सुनवाई के बाद कोर्ट को बताया गया कि ज़्यादा काम की वजह से देश भर में 35 से 40 BLOs की मौत हो गई है। पिटीशनर ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़े की भी मांग की। कोर्ट ने काम के घंटे कम करने के लिए एक्स्ट्रा स्टाफ़ लगाने का ऑर्डर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी फैसला सुनाया कि जो कर्मचारी बीमार हैं, लाचार हैं, या बहुत ज़्यादा प्रेशर में काम कर रहे हैं, उन्हें केस-बाई-केस बेसिस पर छुट्टी दी जानी चाहिए और उनकी जगह तुरंत किसी और को रखा जाना चाहिए।
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