Conversion Bulldozer Action : उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ अभियान में और तेजी देखी जा रही है। इसी कड़ी में बलरामपुर पुलिस ने एक बड़े धर्मांतरण रैकेट के सरगना छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के भतीजे सबरोज के अवैध निर्माण आज बुलडोजर चला कर गिरा दिया। सरकारी जमीन पर बने इस अवैध ढांचे को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते होने वाले विरोध से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
गेड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रेहरा माफी गांव में सबरोज का घर ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाया गया था। जिला प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी किया था, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया था। आज प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से कार्रवाई की। सीओ राघवेंद्र प्रताप ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन के नेतृत्व वाला यह गिरोह देश भर में अवैध धर्मांतरण और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में लिप्त था। पुलिस जांच में इस गिरोह के कई राज उजागर हुए हैं, और इसके संदिग्ध व प्रतिबंधित संगठनों से संबंधों की भी गहन जांच चल रही है। जानकारी के अनुसार, छांगुर ने दुबई, सऊदी अरब और तुर्की जैसे देशों में भी अपने संपर्क स्थापित किए थे। यह गिरोह मुख्य रूप से कमजोर तबके के लोगों को वित्तीय प्रलोभन, शादी के प्रस्ताव और दबाव का इस्तेमाल कर इस्लाम कबूल करवाने में सक्रिय था।
हाल ही में, राज्य पुलिस ने बड़े धर्मांतरण गिरोहों का पर्दाफाश किया है। आगरा में दो लापता बहनों के मामले की जांच के दौरान एक ऐसा नेटवर्क सामने आया, जो छह राज्यों तक फैला हुआ था। बलरामपुर में जमालुद्दीन छांगुर के बहुराष्ट्रीय धर्मांतरण गिरोह की कहानी ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) ने अवैध धर्मांतरण और गैर-कानूनी फंडिंग के मामले में जमालुद्दीन (उर्फ छांगुर) और उसकी सहयोगी नीतू (उर्फ नसरीन) को 5 जुलाई को बलरामपुर के माधपुर गांव से गिरफ्तार किया था। एटीएस अब इस गिरोह के फंडिंग स्रोतों और अवैध तरीके से खरीदी गई संपत्तियों की जांच कर रही है। जलालुद्दीन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया गया था। इससे पहले, नवीन उर्फ जलालुद्दीन और महबूब (जलालुद्दीन के बेटे) को अप्रैल में गिरफ्तार कर लखनऊ जेल भेजा जा चुका है।
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उस सख्त नीति का हिस्सा है, जिसके तहत संगठित अपराधों में शामिल लोगों की अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों को ध्वस्त कर उन्हें आर्थिक और मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर किया जा रहा है। छांगुर की लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैली कोठी में भी 2 बिस्वा सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया था, जिस पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा किया था। इसी मामले में एक अन्य आरोपी रऊफ के खिलाफ पॉक्सो, एससी व एसटी एक्ट और धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसके घर पर भी बुलडोजर चलाया गया था। यह दर्शाता है कि अवैध धर्मांतरण और उससे जुड़ी अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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