राज्यसभा में बढ़ा NDA का कुनबा, राघव चड्ढा समेत AAP के 7 बागी सांसदों का BJP ने किया स्वागत

खबर सार :-
Raghav Chadha: राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार (27 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया। इसके परिणामस्वरूप, उच्च सदन में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सदस्यों की संख्या 10 से घटकर तीन रह गई है। साथ ही, राज्यसभा में BJP सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।

राज्यसभा में बढ़ा NDA का कुनबा, राघव चड्ढा समेत AAP के 7 बागी सांसदों का BJP ने किया स्वागत
खबर विस्तार : -

Raghav Chadha News: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के 7 बागी राज्यसभा सांसदों का भाजपा में शामिल होने पर स्वागत किया, जिनमें राघव चड्ढा भी शामिल हैं। जिसके बाद राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। इसी के साथ ही अब सदन में भाजपा का प्रतिनिधित्व 107 से बढ़कर 113 हो गया, जबकि आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधित्व घटकर सिर्फ़ तीन रह गया। जिन नेताओं ने आप पार्टी  छोड़ भाजपा में शामिल हुए है उसमें राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी का नाम शामिल है। 

Raghav Chadha: किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों का किया स्वागत

रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा, "राज्यसभा के सभापति, सी.पी. राधाकृष्णन ने 7 बीजेपी सांसदों के भाजपा में शामिल होने को मंज़ूरी दे दी है। अब ये सभी BJP संसदीय दल के सदस्य हैं।" रिजिजू ने कहा लंबे समय से मैंने देखा है कि इन 7 माननीय सांसदों ने कभी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया और न ही कभी कोई अनुशासनहीनता या असंसदीय आचरण किया। इसी के साथ ही संसद के ऊपरी सदन में BJP की मौजूदगी और मज़बूत हो गई है। राज्यसभा में अब बीजेपी के 107 से बढ़कर 113 सदस्य हो गए है।

किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर कसा तंज

BJP में उनका स्वागत करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि, एनडीएम  में आपका स्वागत है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र-निर्माण में जुटा है और 'टुकड़े-टुकड़े' इंडिया ब्लॉक को अलविदा।"  

क्या संविधान में है दलबदल का नियम ?

दरअसल संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार जिसे 1985 में 52वें संशोधन के ज़रिए जोड़ा गया था सदस्य दलबदल नहीं कर सकते; हालांकि, "विलय" के मामले में एक अपवाद है। यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई निर्वाचित सदस्य किसी दूसरी पार्टी में विलय करने पर सहमत हो जाते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाता; न ही उन सदस्यों को अयोग्य ठहराया जाता है जो मूल पार्टी के साथ ही रहने का फ़ैसला करते हैं। चड्ढा और अन्य छह सदस्यों ने BJP में शामिल होने के आधार के तौर पर इसी नियम का हवाला दिया। 

बता दें कि शुक्रवार को AAP को तब बड़ा झटका लगा, जब इसे सात राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने मूल सिद्धांतों और मूल्यों से भटक गई है। 

राज्यसभा में बढ़ा एनडीए का कुनबा

इस घटनाक्रम के साथ, राज्यसभा में बीजेपी की ताकत 106 से बढ़कर 113 हो गई है, जबकि NDA की कुल संख्या 141 से बढ़कर 148 हो गई है इस आंकड़े में सात मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं। साल के आखिर तक 30 से ज़्यादा सीटें खाली होने वाली हैं, ऐसे में उम्मीद है कि BJP कम से कम पांच और सीटें हासिल कर लेगी, जिससे वह दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े 163 के और भी करीब पहुंच जाएगी।

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