Sushmita Dev Resigns: टीएमसी में इस्तीफे का सिलसिला जारी, सुखेंदु और काकोली के बाद अब सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा

खबर सार :-
टीएमसी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने इस्तीफा दे दिया है। इसके पहले सुखेंदु शेखर ने इस्तीफा दिया था। उन्होंने भी राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी है।
Sushmita Dev Resigns: टीएमसी में इस्तीफे का सिलसिला जारी, सुखेंदु और काकोली के बाद अब सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा
खबर विस्तार : -

Sushmita Dev Resigns: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की करीबी माने जाने वाली राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी है। इसके पहले सुखेंदु शेखर ने इस्तीफा दिया है। इस लिस्ट में सुष्मिता दूसरे नंबर पर हैं। इसके साथ ही उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात भी की, जिसकी तस्वीरें सामने आ रही हैं। 

सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा

सुष्मिता का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है, जब टीएमसी पहले से ही आंतरिक कलह और नेताओं के दल छोड़ने की घटनाओं से जूझ रही है। सुष्मिता लंबे समय से पार्टी की काफी प्रभावशाली चेहरा रही हैं। उन्होंने पार्टी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर कई सक्रिय भूमिका निभाई है। यही कारण है कि उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक सियासी झटके के रुप में देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक उनके इस्तीफा देने के कारण को लेकर आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। इस्तीफे के ठीक बाद सुष्मिता देव असम के सीएम हेमंत बिस्वा सरमा के मुलाकात के लिए पहुंची। इस मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है।

सुखेंदु शेखर और काकोली घोष ने दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद ममता को करारी हार का सामना करना पड़ा है। टीएमसी की हार के बाद महीने भर के अंदर कई बड़े नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली है। जमीनी स्तर से लेकर पार्टी के बड़े चेहरे एक-एक करके इस्तीफा दे रहे हैं। अब हाल ऐसा हो गया है कि टीएमसी धीरे-धीरे बिखरती नजर आ रही है। ममता के कई करीबी नेताओं ने उनका साथ छोड़ दिया है। इसमें सबसे प्रमुख काकोली घोष दस्तीदार, सुखेंदु शेखर जैसे बड़े नेता शामिल हैं। 

संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसद हैं। हाल ही में काकोली घोष ने दावा किया था कि टीएमसी के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र के माध्यम से संसद में अलग व्यवस्था देने की मांग की है। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये सांसद एनडीए में शामिल हो सकते हैं। इनमें से 14 सांसदों के नाम सामने आए हैं। इसमें काकोली घोष के साथ शताब्दी रॉय, बापी हलदर, अरुप चक्रवर्ती, जून मालिया, दीपक अधिकारी, कालीपदा सरेन, जगदीश बसुनिया, असित मल, अबू ताहिर खान, खलीकुर रहमान, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी और पार्थ भौमिक के नाम शामिल हैं। 

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