नई दिल्ली : भारत के धाकड़ ओपनर रोहित शर्मा ने टी20 और टेस्ट क्रिकेट से सन्यास ले लिया है। हालांकि, वह वनडे अभी भी खेलते रहेंगे। बीसीसीआई ने 2027 में होने वाले वनडे विश्वकप में भारतीय टीम की कमान रोहित शर्मा को सौंपी है। यानी 2027 तक रोहित शर्मा वनडे टीम के कप्तान बने रहेंगे। इस बीच रोहित शर्मा के बचपन के कोच ने काफी बड़ी बात कह दी है। रोहित के बचपन के कोच दिनेश लाड ने कहा है कि सलामी बल्लेबाज को वनडे विश्वकप-2027 में खेलना चाहिए। 2027 का विश्व कप अक्टूबर और नवंबर 2027 में दक्षिण अफ्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में आयोजित किया जाएगा। रोहित शर्मा ने इस साल की शुरुआत में कप्तान के तौर पर भारत को चैंपियंस ट्रॉफी जिताई है। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इंग्लैंड दौरा शुरू होने से पहले ही बीती मई में टेस्ट क्रिकेट से सन्यास की घोषणा कर दी थी। वहीं, 38 वर्षीय इस खिलाड़ी ने पिछले वर्ष वेस्टइंडीज के बारबाडोस में टी20 विश्व कप का फाइनल जीतने के बाद इस प्रारूप से संन्यास की घोषणा की थी।
आगामी वनडे विश्व कप अभी दो साल से ज़्यादा दूर है। इस बीच, भारत को कई वनडे मैच खेलने हैं, लेकिन इस प्रारूप में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। रोहित को वनडे विश्व कप-2011 से बाहर किए जाने की घटना को याद करते हुए, अनुभवी कोच ने कहा कि इस दाएं हाथ के बल्लेबाज में अभी भी देश के लिए योगदान देने की 'भूख' और 'दृढ़ संकल्प' है। लाड ने कहा, "रोहित शर्मा को वनडे विश्व कप-2027 में जरूर खेलना चाहिए। ट्रॉफी जीतना रोहित का हमेशा से सपना रहा है। इस भूख की बदौलत ही वह टी20 विश्वकप और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में सफल रहे। वनडे वर्ल्डकप में उन्होंने शानदार नेतृत्व और अपने खेल के दम पर टीम को फाइनल तक पहुंचाया। हालांकि, वह 2011 की वनडे विश्वकप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनने से चूक गए थे। रोहित टीम की कप्तानी करेंगे या नहीं, यह बीसीसीआई और चयनकर्ताओं को तय करना है, लेकिन उन्हें विश्व कप टीम का हिस्सा होना चाहिए।
रोहित शर्मा ने भारत के लिए 273 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 32 शतक और 58 अर्धशतकों की मदद से 11,168 रन बनाए हैं। उनके नाम इस प्रारूप में तीन दोहरे शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड भी है। उन्होंने 67 टेस्ट मैचों में 40.57 की औसत से 4,301 रन बनाए हैं, जिसमें 12 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं। रोहित ने 24 टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व किया, जिसमें से 12 जीते और नौ हारे। रोहित ने टेस्ट प्रारूप में सलामी बल्लेबाज के रूप में 66 पारियों में 42.81 की शानदार औसत से रन बनाए, जिसमें नौ शतक और आठ अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में उपविजेता बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।