Tejashwi Yadav slams PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे से पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने उन पर तीखा कटाक्ष किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए तेजस्वी ने प्रधानमंत्री की मंशा, पुराने वायदों और भाषणों पर व्यंग्यात्मक लहजे में कई सवाल उठाए हैं। उनके कटाक्ष भरे बोल सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के इस दौरे को जुमलों की मूसलाधार बारिश और पुराने वायदों का प्रायश्चित करार दे रहे हैं। तेजस्वी के कटाक्ष ने मोदी की बिहार यात्रा थोड़ा खलल तो डाल ही दिया है। पीएम मोदी बिहार की जनता से कुछ वायदा करते उससे पहले तेजस्वी ने उन्हें पुराने वायदों की याद दिला कर जनता के सामने मोदी के वायदों के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश की है।
तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री की संभावित गतिविधियों का 11 बिंदुओं में विस्तृत विवरण देते हुए करारा तंज कसा है। तेजस्वी पीएम मोदी की इस बिहार यात्रा को टेलीप्रॉम्प्टर अभिनय से भरा एक दिखावटी दौरा बता रहे हैं। आरजेडी के नेता का कहना है मोदी का दौरा बिहार की जनता के लिए कोई वास्तविक लाभ नहीं लाएगा।
तेजस्वी यादव ने अपने हमलों में कई मुद्दों को छुआ, जो सीधे तौर पर वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और पूर्व में किए गए वायदों से जुड़े हैं।
सावन में मटन पार्टी पर निशानाः तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री उन नेताओं को मंच पर सम्मानित करेंगे जो सावन के पवित्र महीने में मटन पार्टी का आयोजन करते हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री के दोहरे प्रवचनों का सार्वजनिक प्रदर्शन बताया। उनका यह तंज सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर था, जिन्होंने लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को मटन परोसा था।
मोतिहारी चीनी मिल का 132 महीने पुराना वायदा: आरजेडी नेता ने प्रधानमंत्री को मोतिहारी चीनी मिल का 132 महीने पुराना वायदा याद दिलाया। इस वायदे में चीनी मिल को फिर से शुरू करना और वहां की चीनी से चाय पीना शामिल था। तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब इस अधूरे वायदे का ठीकरा शायद सम्राट अशोक या चंद्रगुप्त मौर्य पर फोड़ा जाएगा, जो सत्ताधारी दल की बहानेबाजी की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
अपराध और किसानों पर राजनीतिः तेजस्वी ने बिहार में अपराध की बिगड़ती स्थिति पर बात करते हुए कहा कि इसका ठीकरा 50 साल पुरानी सरकारों पर फोड़ा जाएगा। वहीं, किसानों को अपराधी कहने वाली पुलिस को सम्मानित किया जाएगा, जो उनकी नजर में न्याय का उपहास है।
जुमलों की बारिशः उन्होंने पीएम मोदी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री इतनी जुमलों की बारिश करेंगे कि इंद्र देवता भी शरमा जाएं। यह कथन उनके भाषणों में सिर्फ़ खोखले वायदों की ओर इशारा करता है।
टेलीप्रॉम्प्टर का व्यंग्यः तेजस्वी ने तंज कसा कि पीएम मोदी पहले से लिखी स्क्रिप्ट को टेलीप्रॉम्प्टर से देखकर घिसी-पिटी घोषणाएं दोहराएंगे, जो उनके अनुसार जनसभाओं में कोई नयापन नहीं लाएगा।
नीतीश कुमार पर चुप्पीः उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में यह स्पष्ट नहीं करेंगे कि आगामी चुनावों के बाद भी नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मुख्यमंत्री चेहरा होंगे या नहीं, जिससे गठबंधन की अस्थिरता का संकेत मिलता है।
शिक्षा और खर्च पर सवालः तेजस्वी ने प्रधानमंत्री की रैली के लिए जिले के स्कूलों को दो दिन तक बंद कराए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक गरीब राज्य के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च कर कुछ घंटों में दिल्ली लौट जाना यह दर्शाता है कि प्राथमिकताएं किस ओर हैं, क्या यह जनता के मुद्दों पर है या सिर्फ़ चुनावी दिखावे पर।
तेजस्वी यादव के पीएम मोदी पर किए गए इस हमले ने बिहार दौरे से पहले राज्य में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। उनके सवालों ने न केवल विपक्ष के रुख को स्पष्ट किया है, बल्कि उन मुद्दों को भी उजागर किया है जिन पर बिहार की जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
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