PM Kisan 20th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का पैसा जारी कर दिया गया है। पीएम मोदी (PM Modi) ने शनिवार 2 अगस्त को वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम किसान योजना के तहत देश के 9.7 करोड़ किसानों के सीधे खातों में करीब 20,500 करोड़ रुपये हस्तांतरित किया। इससे पहले, 19वीं किस्त पीएम मोदी ने 24 फरवरी 2025 को बिहार के भागलपुर से जारी की थी। उस समय भी 9.8 करोड़ किसानों को 22,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई थी।
बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसे फरवरी 2019 में शुरू किया गया था। इस योजना के तहत पात्र किसानों को 2,000-2,000 की तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक (2019 से 19वीं किस्त तक) देश भर के किसानों के खातों में 3.69 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए जा चुके हैं। शनिवार को जारी की गई 20वीं किस्त किसानों को और अधिक आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।
किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी कर दी गई है। यदि आप चेक करना चहते है कि आपके खाते में पैसा आया नहीं तो सबसे पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
गौरतलब है कि पीएम किसान योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। बिना ई-केवाईसी (E-KYC) के आपको पीएम किसान का पैसा नहीं मिलेगा। पीएम किसान वेबसाइट की मदद से किसान घर बैठे अपने स्मार्टफोन पर ई-केवाईसी (E-KYC) कर सकते हैं। इसके लिए आपको पीएम किसान की वेबसाइट http://pmkisan.gov.in पर जाना होगा। यहाँ "फार्मर कॉर्नर" लिखा होगा। इसके नीचे ई-केवाईसी का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें। फिर आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा। ऐसा करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। जैसे ही आप इस ओटीपी को निर्धारित जगह पर भरेंगे, आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पीएम-किसान योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से डिजिटल है। जनधन खाते, आधार और मोबाइल फोन की मदद से यह योजना देश के कोने-कोने में तेज और पारदर्शी तरीके से काम करती है। किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इस योजना के लिए जमीन के रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन किया जाता है और पैसा सीधे खाते में आते है। भारत के लगभग 85 प्रतिशत किसानों के पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। ऐसे छोटे और सीमांत किसानों के लिए पीएम-किसान योजना संजीवनी का काम करती है। किसानों को यह पैसा बुवाई या कटाई के समय मिलता है। यह योजना एक तरह का सुरक्षा कवच बन गई है, जो संकट के समय किसानों को राहत देती है।
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