Delhi Congress Rally: कांग्रेस पार्टी रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने जा रही है। इस महारैली का नाम "वोट चोर, गद्दी छोड़ो रैली" रखा गया है। इसके जरिए पार्टी देश में 'वोट चोरी' के मुद्दे पर अपना अभियान तेज करेगी। देश भर से कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंचना शुरू हो गए हैं। इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हो सकती हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में कर्नाटक कांग्रेस के सभी विधायक और 1,000 से ज़्यादा पार्टी कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि इससे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन को मजबूती मिलेगी। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक और बड़ा कार्यक्रम होगा। कर्नाटक से 1,000 से ज़्यादा पार्टी कार्यकर्ता पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेता राज्य के सभी हिस्सों से ट्रेन और फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे हैं, और बताया कि 100 से ज़्यादा विधायक और MLC इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
रैली से पहले सभी नेता कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में एकत्र होंगे और फिर रामलीला मैदान पहुंचेंगे। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की ओर देश का ध्यान खींचना और वोटरों के नाम हटाने के लिए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराना है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि यह आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा करने और पूरे देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए एक बड़े अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बताया कि ‘वोट चोरी’ के खिलाफ करीब 55 लाख हस्ताक्षर जुटाए गए हैं।
दरअसल, राहुल गांधी अब तक तीन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने आयोग को मोदी सरकार की "बी टीम" भी कहा और उस पर वोट चोरी में बीजेपी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। 9 दिसंबर को राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि RSS और बीजेपी देश की संस्थाओं पर कब्जा कर रहे हैं। इनमें चुनाव आयोग, ED, CBI, IB और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट शामिल हैं। इससे साफ पता चलता है कि बीजेपी चुनाव आयोग को कंट्रोल और डायरेक्ट कर रही है। यह लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है।
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