नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए घटिया वस्तुओं के प्रसार को रोकने के लिए अनिवार्य प्रमाणीकरण के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (क्यूसीओ) में सामंजस्य स्थापित करने पर काम कर रही है।
प्रल्हाद जोशी उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित राष्ट्रीय मानकीकरण प्रशिक्षण संस्थान में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की ओर से आयोजित विश्व मानक दिवस समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में जोर दिया कि बीआईएस को इन दोनों उद्देश्यों के बीच एक स्थायी संतुलन हासिल करना होगा। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले 11 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 10वें स्थान से बढ़कर चौथे स्थान पर पहुंच गई है, जो सरकार के सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन की नीति से प्रेरित एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भारत अब 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर पूरे आत्मविश्वास से बढ़ रहा है।
बीआईएस ने राष्ट्रीय मानकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाकर इस विज़न को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने भारत के मानकीकरण आंदोलन को आगे बढ़ाने वाले विशेषज्ञों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दिवस उन लोगों के अथक प्रयासों का जश्न मनाता है, जो उद्योगों और अर्थव्यवस्था का मार्गदर्शन करने वाले वैश्विक मानकों को आकार दे रहे हैं। इस अवसर पर बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी, उपभोक्ता मामले विभाग के अपर सचिव भरत खेड़ा, बीआईएस के ओएसडी संजय गर्ग तथा ब्यूरो के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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