Zomato Eternal q1 Results: देश के ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी बाज़ार की दो दिग्गज कंपनियों जोमैटो और स्विगी के शेयरों में मंगलवार, 22 जुलाई को तेज़ी देखी गई। स्विगी के शेयर (Swiggy Share Price) में करीब 8 प्रतिशत की तेजी आ गई। एक दिन पहले ही स्विगी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंदी कंपनी जोमैटो की मूल कंपनी इटरनल लिमिटेड (Eternal Share Price) के वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के परिणाम सामने आए थे। जोमैटो के नतीजे शानदार रहे, जिसकी वजह से आज इसके शेयरों में 14 प्रतिशत की तेज़ी देखी गई। वहीं जोमैटो की आड़ में स्विगी के शेयरों में भी तूफानी तेजी देखी गई। इसके शेयरों में 5 महीनों में सबसे बड़ी तेजी रही। स्विगी के शेयरों को लेकर ब्रोकरेज फर्म निर्मल बांग इंस्टीट्यूशनल खरीदने की सलाह दी और इसके टारगेट प्राइस को 500 रुपये कर दिया है।
दरअसल इटरनल के शेयर में उछाल की सबसे बड़ी वजह कंपनी के जून तिमाही के मज़बूत नतीजे और प्रबंधन की सकारात्मक टिप्पणियां रहीं। हालांकि, जून तिमाही में इटरनल का शुद्ध लाभ साल-दर-साल 90% गिरकर 25 करोड़ रुपये रह गया। लेकिन इस दौरान कंपनी के कुल राजस्व में 70% की बढ़ोतरी हुई और यह 7,167 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
बता दें कि स्विगी को शेयर में यह तेजी सोमवार को जारी ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटरनल के अप्रैल-जून तिमाही के उत्कृष्ट परिणामों के बाद आई है। इटरनल-स्विगी की दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंपनियों, जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी है। मंगलवार के सत्र में जोमैटो के शेयरों में भी 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह शेयर अब अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं Swiggy की योजना 31 जुलाई, 2025 को अपने अप्रैल-जून तिमाही के परिणाम घोषित करने की है। विश्लेषक और निवेशक कंपनी के प्रदर्शन पर, विशेष रूप से क्विक कॉमर्स क्षेत्र पर प्रबंधन की टिप्पणियों पर, जहां Blinkit ने उच्च मानक स्थापित किए हैं, कड़ी नज़र रखेंगे।
इस तिमाही में Blinkit का राजस्व बढ़कर 2,400 करोड़ रुपये हो गया। Blinkit पहली बार जोमैटो के (2,261 करोड़) को पीछे छोड़ दिया है। ब्लिंकिट की यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है। क्योंकि अब यह क्विक कॉमर्स वर्टिकल इटरनल के कुल राजस्व में उसके मुख्य फ़ूड डिलीवरी कारोबार से ज़्यादा योगदान दे रही है। इटरनल का समेकित राजस्व 70 प्रतिशत बढ़कर 7,167 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो कोटक सिक्योरिटीज़ के 6,682 करोड़ रुपये के अनुमान से 58 प्रतिशत ज़्यादा है। हालांकि, शुद्ध लाभ एक साल पहले के 253 करोड़ रुपये से 90 प्रतिशत घटकर 25 करोड़ रुपये रह गया, जो मार्जिन पर लगातार दबाव का संकेत देता है।
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