नई दिल्ली: विक्रम सोलर का आईपीओ आज भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट हो गया है। कंपनी के शेयरों ने शुरुआती लिस्टिंग में फ्लैट शुरुआत की, लेकिन बाद में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। विक्रम सोलर के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 338 रुपये के स्तर पर और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर 340 रुपये के स्तर पर लिस्ट हुए। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 332 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था, जिससे शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
विक्रम सोलर का आईपीओ 19 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला और 21 अगस्त तक निवेशकों ने इसके लिए भारी रुचि दिखाई। इस आईपीओ को कुल 54.63 गुना बुक किया गया, जो कंपनी के प्रति निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। विक्रम सोलर ने इस पब्लिक इश्यू के माध्यम से 2079 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी, और एंकर इन्वेस्टर्स से पहले ही 621 करोड़ रुपये की राशि जुटाई थी। हालांकि, लिस्टिंग के समय शेयरों में 10 प्रतिशत से अधिक का प्रीमियम था, लेकिन डेब्यू के बाद 2% की बढ़ोतरी ही देखी गई।
विक्रम सोलर ने 2009 में सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग का काम शुरू किया था, जब उसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता केवल 12 मेगावाट थी। अब कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़कर 4.50 गीगावाट तक पहुंच गई है। विक्रम सोलर के पास तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में दो प्रमुख सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, और तमिलनाडु में सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग की दो यूनिट्स भी हैं। कंपनी का फोकस सौर ऊर्जा क्षेत्र में विकास और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर है, जो आने वाले समय में इसके व्यवसाय के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
विक्रम सोलर का मार्केट कैपिटलाइजेशन शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद 12,837.34 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का भविष्य सौर ऊर्जा उद्योग में आने वाले विकास पर निर्भर करेगा, खासकर भारत सरकार द्वारा सौर ऊर्जा के लिए प्रोत्साहन और सुविधाएं देने से। विक्रम सोलर के शेयरों ने लिस्टिंग के बाद अच्छी शुरुआत नहीं की, लेकिन निवेशकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है, खासकर अगर कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और वैश्विक नेटवर्क को मजबूत करती है।
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