कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा

खबर सार :-
कमजोर वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर ही ध्यान देना चाहिए। निफ्टी में 26,000 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई खरीदारी की रणनीति बनाना समझदारी होगी।

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटा
खबर विस्तार : -

Stock market news: कमजोर वैश्विक संकेतों और बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की सतर्कता साफ नजर आई, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखे।

सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती गिरावट

आज सुबह 10 बजे तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स करीब 498 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,072 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं एनएसई निफ्टी 134 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 25,560 के स्तर पर आ गया। शुरुआती सत्र में निफ्टी के लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स में कमजोरी दर्ज की गई।

वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत

वैश्विक बाजारों का माहौल फिलहाल सतर्क बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान है, जिसमें उन्होंने आठ यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है। यूरोपीय देशों ने ट्रंप की ग्रीनलैंड को हासिल करने की योजना का विरोध किया है, जिससे वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और जोखिम लेने की प्रवृत्ति कमजोर पड़ी है।

हेवीवेट शेयरों में बिकवाली का दबाव

शुरुआती कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल), आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और सिप्ला जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए, जबकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में अच्छा मुनाफा दर्ज किया है। इससे यह साफ होता है कि फिलहाल बाजार भावनाओं पर वैश्विक घटनाओं का असर ज्यादा हावी है।

आईटी और ऑटो शेयरों में कमजोरी

आईटी सेक्टर में कमजोरी ज्यादा देखने को मिली। विप्रो के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि इंफोसिस करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। ऑटो सेक्टर में भी दबाव रहा और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) के शेयरों में लगभग 2.8 प्रतिशत की गिरावट आई। फार्मा सेक्टर में भी कमजोरी दिखी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स 0.6 प्रतिशत नीचे रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी दबाव

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.40 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशक फिलहाल जोखिम से दूरी बना रहे हैं।

कुछ शेयरों में रही मजबूती

हालांकि बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। टेक महिंद्रा, इंडिगो, बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, एचयूएल, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, बीईएल और एचडीएफसी लाइफ के शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। इसके अलावा निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार में एकमात्र मजबूत सेक्टर के रूप में उभरा।

तकनीकी स्तरों पर क्या कहते हैं जानकार

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान इंडेक्स ने 25,899 का उच्च स्तर और 25,473 का निचला स्तर छुआ। अंत में निफ्टी हल्की बढ़त के साथ 25,694 पर बंद हुआ, जो बाजार में जारी असमंजस को दर्शाता है। फिलहाल निफ्टी 20-दिवसीय और 50-दिवसीय ईएमए से नीचे कारोबार कर रहा है, हालांकि 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर बने रहना मीडियम टर्म में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

तकनीकी रूप से ऊपर की ओर 25,875 का स्तर पहला बड़ा रेजिस्टेंस माना जा रहा है। इसके बाद 26,000 और 26,100 के स्तर अहम होंगे। वहीं नीचे की ओर 25,600 और 25,450 के स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में देखे जा रहे हैं।

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