Russia vs US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति और दुनिया के सभी देशों को अपनी शर्तों पर व्यापार करने के लिए मजबूर करने की मंशा खतरनाक साबित हो रही है। अमेरिका-रूस से बीच पिछले कुछ महीनों के दौरान संबंधों में थोड़ी नरमी आई थी, उसमें और सुधार की संभावना व्यक्त की जा रही थी, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दिया है। इतना ही नहीं, अमेरिका ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट (Rosneft) और लुकोइल (Lukoil)—पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए हैं। जो अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव को और अधिक बढ़ाने वाला फैसला साबित हो सकता है।
वैश्विक बाजार में माना जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और रूस के बीच संभावित ट्रंप-पुतिन मुलाकात की चर्चा तेज थी। लेकिन, अब दोनों नेताओं के बीच होने वाली यह बैठक भी रद्द हो चुकी है। इन प्रतिबंधों के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे रूस पर दबाव बनाने की “अमित्रतापूर्ण कार्रवाई” बताया है।
पुतिन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश दबाव में आकर निर्णय नहीं लेता। हां, ये प्रतिबंध गंभीर हैं, लेकिन इनका हमारी अर्थव्यवस्था पर सीमित प्रभाव होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका रूस पर राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर दबाव बनाना चाहता है, परंतु इससे दोनों देशों के संबंध और बिगड़ेंगे। रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पहले ही चेतावनी दी थी कि रूस पर लगाए गए ये प्रतिबंध वैश्विक तेल बाजार और कीमतों पर असर डालेंगे। पुतिन के मुताबिक, इन कदमों का असर केवल रूस पर नहीं, बल्कि अमेरिका और बाकी दुनिया की ऊर्जा स्थिरता पर भी पड़ेगा।
पुतिन ने याद दिलाया कि ट्रंप के पिछले कार्यकाल में रूस पर सबसे ज्यादा प्रतिबंध लगाए गए थे, जिससे दोनों देशों के रिश्ते में तनाव बढ़ा था। उन्होंने कहा कि “रूस-अमेरिका संबंध अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे थे, लेकिन ये नए प्रतिबंध उस प्रगति को रोक सकते हैं।”अमेरिका का कहना है कि ये प्रतिबंध रूस पर यूक्रेन युद्ध खत्म करने का दबाव बढ़ाने के लिए लगाए गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, रूस की तेल कंपनियां यूक्रेन संघर्ष में आर्थिक संसाधन मुहैया करा रही थीं, इसलिए ये कदम आवश्यक था।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अपने समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के साथ रद्द हुई बैठक पर कहा कि संवाद हमेशा टकराव से बेहतर होता है। हमने हमेशा बातचीत का समर्थन किया है और आगे भी करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक मूल रूप से अमेरिकी पक्ष द्वारा प्रस्तावित थी, लेकिन अब ट्रंप ने इसे “स्थगित” करने का फैसला किया है। रूसी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका लगातार प्रतिबंधों के रास्ते पर चलता रहा तो इससे ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ेगी, जो किसी भी देश के हित में नहीं है। पुतिन ने दोहराया कि रूस अपने आर्थिक और सामरिक हितों की रक्षा करने में सक्षम है और किसी भी बाहरी दबाव के आगे झुकेगा नहीं।
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