नई दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने अप्रत्याशित फैसलों की वजह से जाने जाते हैं। जब से उन्होंने दूसरी बार राष्ट्रपति का पदभार संभाला है, अमेरिका की अर्थव्यवस्था को सुधारने में जुट गये हैं। ट्रंप की टैरिफ नीति ने पूरी दुनिया के बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया है, व्यापार की अनिश्चितता के कारण कंपनियां निवेश से जुड़े फैसले नहीं ले पा रही हैं। इन सबसे भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है। इसका कारण भारत का बहुत बड़ा घरेलू मार्केट और दुनिया के अन्य देशों को निर्यात किए जाने वाले सामानों पर कम निर्भरता है। क्रेडिट रेटिंग, अनुसंधान और विश्लेषण के क्षेत्र में अग्रणी वैश्विक प्रदाता मूडीज रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को स्वीकार किया है। मूडीज की रिपोर्ट बताती है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने, निजी खपत को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों तथा सरकार के इनोवेटिव प्रयासों से भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर वैश्विक मांग से बचाने में मदद मिलेगी।
मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार भारत की बड़ी घरेलू अर्थव्यवस्था और वैश्विक माल व्यापार में सीमित जोखिम लेने की प्रवृत्ति देश को बाहरी झटकों को झेलने के लिए अधिक मजबूत स्थिति में रखती है। यहां का ऑटोमोबाइल सेक्टर अपने डायवर्सिफाइड संचालन के बावजूद वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है। भारत का मजबूत सेवा क्षेत्र और बड़ी घरेलू अर्थव्यवस्था, मजबूत बफर प्रदान करता है। यहां का केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति में गिरावट से विकास को बढ़ावा देने के लिए ब्याज दरों में कटौती के साथ नरम मौद्रिक नीति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। यही नहीं, बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ का समर्थन करने के लिए पर्याप्त लिक्विडिटी भी है।
मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का असर भी दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है। भारत में प्रमुख आर्थिक केंद्र संघर्ष क्षेत्रों से बहुत दूर हैं और द्विपक्षीय आर्थिक संबंध सीमित हैं। यदि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहता है, तो रक्षा खर्च में वृद्धि हो सकती है, जिससे राजकोषीय कंसोलिडेशन के प्रयास धीमे हो सकते हैं और सरकारी वित्त पर असर पड़ सकता है, लेकिन वहीं दूसरा पक्ष यह भी है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बीच भारतीय रक्षा उपकरणों में निवेशकों का विश्वास तेजी से बढ़ा है। यह आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। मूडीज रेटिंग्स ने इस महीने की शुरुआत में 2025 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। संस्था ने उम्मीद जताई है कि 2026 में अर्थव्यवस्था गति पकड़ेगी और 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज करेगी। यह पूर्वानुमान आईएमएफ के आउटलुक के अनुरूप है, जिसके अनुसार भारत 2025 में 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज करने वाली दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था होगी।
बता दें, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की वर्ष 2025 की रिपोर्ट भी बताती है कि साल के आखिर तक भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारत जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी 4.187 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जो जापान के 4.186 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक ही होगा। यह रिपोर्ट निश्चित तौर पर भारत की अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण स्थिति में पहुंचने की पुष्टि करती है। आईएमएफ ने यह भी अनुमान लगाया है कि 2028 तक भारत जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
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