नई दिल्लीः दुनिया भर में वैश्विक मंदी का दौर चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा शुरू किए गए टैरिफ वार का असर दुनिया के अनेकों देशों पर दिखने लगा है। इससे वैश्विक बाजार में खरीदारी और बिकवाली अत्यधिक प्रभावित हुई हैं। इन सबके बीच भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले मजबूत स्थिति में बनी हुई है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत अधिक है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम) पीयूष गोयल ने निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक के दौरान निर्यात संबंधी आंकड़ा प्रस्तुत किया। उन्होंने लाल सागर संकट, खाड़ी क्षेत्र में इजराइल-हमास संघर्ष, रूस-यूक्रेन संघर्ष के लगातार बने रहने और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि सहित कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निर्यात में सर्वकालिक उच्च उपलब्धि के लिए निर्यातकों की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने निर्यातकों की तरफ से किए जा रहे विभिन्न सकारात्मक प्रयासों की जमकर सराहना की।
केंद्रीय मंत्री ने निर्यातकों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार वैश्विक व्यापार संबंधी वातावरण में हाल के बदलावों को सफलतापूर्वक नेविगेट करने में सक्षम है। इसे अपने व्यापार के अनुकूल बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। देश सक्रिय तरीके से काम कर रहा है। ऐसे समाधान तलाश रहा है, जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हो। उन्होंने निर्यातकों से कहा कि वे घबराएं नहीं और वर्तमान परिदृश्य में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि टीम देश के लिए सही परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विभिन्न देश टैरिफ लगाने के मामले में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। हालांकि, जहां तक भारत का सवाल है, विनिर्माण में वृद्धि और अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की संभावना है, क्योंकि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े प्लेयर्स को आकर्षित कर सकता है, क्योंकि भारत खुद को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सक्षम रहा है। विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों ने वैश्विक व्यापार में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। इस बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों और वाणिज्य और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया।
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