Indian Stock Market: ग्लोबल बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच गुरुवार की छुट्टी के बाद सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों की बढ़त के साथ 83,670 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 33.45 अंकों की तेजी के साथ 25,696.05 पर ओपन हुआ।
आज सुबह करीब 9.20 बजे बीएसई सेंसेक्स 260.52 अंक या 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,643.23 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 65.50 अंक या 0.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,731.10 पर पहुंच गया। बाजार की इस मजबूती से निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना रहा।
व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.26 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.04 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। इससे यह संकेत मिला कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं।
सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी इंडेक्स और निफ्टी कैपिटल मार्केट्स इंडेक्स दोनों में करीब 2-2 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली। आईटी कंपनियों में डॉलर की मजबूती और वैश्विक मांग में सुधार की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एम एंड एम, कोटक महिंद्रा बैंक, पावर ग्रिड और एलएंडटी के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कुछ दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स में इटरनल, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी और सन फार्मा टॉप लूजर्स में शामिल रहे। एनएसई पर भी सिप्ला, एचडीएफसी लाइफ, भारती एयरटेल, हिंडाल्को और ओएनजीसी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, फिलहाल ऐसा कोई बड़ा कारक नहीं दिख रहा जो बाजार को तेज उछाल या बड़ी गिरावट की ओर ले जाए। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से तीसरी तिमाही के नतीजों पर निर्भर करेगी। बेहतर नतीजे देने वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी संभव है, लेकिन इससे पूरे बाजार में बड़ी रैली की उम्मीद कम है।
डॉ. विजयकुमार ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा शॉर्ट पोजीशन बढ़ाना यह संकेत देता है कि निकट भविष्य में उनकी बिकवाली जारी रह सकती है। अगर बाजार में थोड़ी तेजी आती भी है तो एफआईआई की बिकवाली उसे सीमित कर सकती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह सुस्त बाजार अच्छे ग्रोथ स्टॉक्स को आकर्षक कीमत पर खरीदने का मौका दे सकता है।
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