टैरिफ विवाद में भारत को पोलैंड का खुला समर्थन, डिप्टी पीएम बोले-‘सेलेक्टिव टारगेटिंग गलत’

खबर सार :-
पोलैंड के डिप्टी पीएम रादोस्लाव सिकोर्स्की ने टैरिफ के जरिए भारत को सेलेक्टिव टारगेट करने को गलत बताया। भारत-पोलैंड द्विपक्षीय सहयोग अब रक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक विस्तारित हो रहा है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल और विदेश मंत्रालय में हुई चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों देश वैश्विक व्यापार, सुरक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टैरिफ विवाद में भारत को पोलैंड का खुला समर्थन, डिप्टी पीएम बोले-‘सेलेक्टिव टारगेटिंग गलत’
खबर विस्तार : -

India-Poland Relations: पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। सोमवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ डेलीगेशन-लेवल की बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बिना अमेरिका का सीधे नाम लिए कहा कि टैरिफ के जरिए भारत को सेलेक्टिव टारगेट करना गलत है।

अमेरिका के दबाव पर पोलैंड की प्रतिक्रिया

यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से ही अमेरिका लगातार भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए टारगेट कर रहा है। अमेरिका, रूस के साथ तेल व्यापार रोकने के लिए टैरिफ के जरिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सिकोर्स्की ने कहा, “मैं टैरिफ के जरिए सेलेक्टिव टारगेटिंग के मुद्दे पर पूरी तरह सहमत हूं। इससे वैश्विक व्यापार उथल-पुथल की ओर बढ़ सकता है।”

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में भागीदारी

भारत दौरे से पहले, सिकोर्स्की ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लिया। उन्होंने इसे “बड़ा ग्लोबल कल्चरल इवेंट” बताया और कहा कि ट्रांसनेशनल, ट्रांस बॉर्डर टेररिज्म का मुकाबला करना जरूरी है। पोलैंड आगजनी और स्टेट टेररिज्म दोनों का पीड़ित रहा है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए रूस और यूक्रेन में बदलते हालात, संकट प्रबंधन में पोलैंड की भूमिका और यूरोप के तेजी से बदलते विश्व में तालमेल पर भी चर्चा की।

विदेश मंत्रालय में द्विपक्षीय चर्चा

इस बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि सेलेक्टिव टारगेटिंग सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं है, इसके और भी तरीके हो सकते हैं। सिकोर्स्की ने भारत की यूरोप में दूतावास स्थापना और यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को गंभीरता से बढ़ाने की पहल की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत यूरोप में सक्रिय रहेगा।

भारत-पोलैंड सहयोग और भविष्य की योजना

नई दिल्ली में भारत-पोलैंड के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 11वां दौर आयोजित हुआ। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और पोलैंड के विदेश मामलों के सचिव व्लादिस्लाव टी. बार्तीशेव्स्की ने की। सिकोर्स्की ने कहा कि दोनों देशों के बीच राजनीतिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने यूरोप में हो रहे बदलावों के राजनीतिक, ऐतिहासिक और मानवीय पहलुओं पर चर्चा करते हुए साझा दृष्टिकोण पेश किया।

संस्कृति और कूटनीति का संगम

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में, सिकोर्स्की अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। उन्होंने साहित्य और संस्कृति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को बढ़ावा देने की बात की। डिप्टी पीएम ने कहा कि व्यापार और सुरक्षा के मुद्दों में साझेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भारत और पोलैंड के रिश्तों को “मजबूत और सतत” बताते हुए वैश्विक व्यापार और सुरक्षा में साझा जिम्मेदारी का संदेश दिया।

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