नई दिल्लीः वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार स्थिर और मजबूत बनी हुई है। देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में हर सेक्टर योगदान कर रहा है। इस बार करदाताओं ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में सबसे अधिक योगदान दिया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी से होने वाले कलेक्शन में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। इस साल अप्रैल 2025 में सरकार के खजाने में 2,00,000 करोड़ रुपये से अधिक जुड़ चुके हैं, जिसकी वजह से कुल जीएसटी कलेक्शन 2,36,716 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा अप्रैल 2024 के मुकाबले 12 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोत्तरी दर्शाता है। यदि रिफंड के बाद नेट जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों को देखें, तो वह भी 2,09,376 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी कलेक्शन बढ़ने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने सभी करदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। निर्मला सीतारमण ने एक्स पर लिखा कि अप्रैल 2025 में सकल जीएसटी संग्रह 2.36 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो अप्रैल 2024 के 2.10 लाख करोड़ रुपए के सकल संग्रह से 12.6 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार, अप्रैल 2025 में होने वाला शुद्ध जीएसटी संग्रह 2.09 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अप्रैल 2024 में यह आंकड़ा 1.92 लाख करोड़ रुपए था, जो कि शुद्ध संग्रह की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है। वित्तमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और सहकारी संघवाद की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं। करदाताओं के प्रति हार्दिक आभार जताते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि उनका योगदान विकसित भारत के निर्माण के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जीएसटी ढांचे में समान रूप से भागीदारी के लिए सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों और राज्य जीएसटी अधिकारियों के समर्पित प्रयासों के लिए बधाई दी। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के सभी फील्ड वर्कर्स एवं कर्मचारियों की सराहना की और ईमानदारी से किए गए उनके प्रयासों को याद किया। वित्तमंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों में बताया गया है कि अप्रैल में घरेलू लेनदेन से जीएसटी संग्रह 10.7 प्रतिशत बढ़कर 1.9 लाख करोड़ रुपए और आयातित वस्तुओं से जीएसटी संग्रह 20.8 प्रतिशत बढ़कर 46,913 करोड़ रुपए हो गया।
सरकार के जीएसटी रेवन्यू में सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी और सीईएसएस को शामिल किया जाता है। हर बार की तरह महाराष्ट्र से सबसे अधिक टैक्स कलेक्शन हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने 41,645 करोड़ रुपये टैक्स कलेक्ट किया है। जो अप्रैल 2024 में वसूले गये 37,671 करोड़ रुपये के मुकाबले 11 फीसदी अधिक है। उत्तर प्रदेश से होने वाले जीएसटी कलेक्शन में भी वृद्धि हुई है, अप्रैल 2024 में कुल जीएसटी कलेक्शन 12,290 करोड़ था, जो इस बार 13,600 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, बिहार से होने वाले टैक्स कलेक्शन में भी इजाफा हुआ है। इस बार 2,290 करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले 15 प्रतिशत अधिक है। नई दिल्ली ने इस बार 8,260 करोड़ रुपये, राजस्थान ने 6228 करोड़ रुपये और हरियाणा ने 14,057 करोड़ रुपये टैक्स कलेक्शन जुटाया है। महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक ने सबसे ज्यादा टैक्स जुटाया गया है। कर्नाटक का जीएसटी कलेक्शन 11 फीसदी बढ़कर 17,815 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
अन्य प्रमुख खबरें
महंगा हुआ हवाई सफर: Air India ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, यात्रियों की जेब पर असर
Wst Asia Cisis के बीच कीमती धातुओं की चमक फीकी: Gold-Silver में गिरावट, निवेशकों में असमंजस
प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत: 5 किलो एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी, सरकार का बड़ा फैसला
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी दमदार रहेगी Indian Economy, 6.7% GDP Growth का अनुमान
Gold की चमक तेज, Silver ने लगाई छलांग, कीमतें रिकॉर्ड के करीब पहुंचीं
HPCL का बड़ा एक्शन: Zero Tolerance Policy, एलपीजी अनियमितताओं पर 10 डिस्ट्रीब्यूटर सस्पेंड
Good Friday पर थमा बाजार: निवेशकों को मिला ब्रेक, BSE-NSE से लेकर कमोडिटी मार्केट तक सन्नाटा
गिरावट से उभरकर बाजार की शानदार वापसी: Sensex 1,800 अंक चढ़ा, IT शेयरों ने दिखाई ताकत
ई-इनकम टैक्स वेबसाइट: एआई असिस्टेंट 'कर साथी' के साथ टैक्स भरना हुआ आसान
Digital India की रफ्तार तेज: मार्च में UPI ने बनाया 22.64 अरब लेनदेन का ऐतिहासिक रिकॉर्ड